तीन दोस्तों को शनिवार की रात थाने से छोड़ दिया गया
विवेचना के दौरान मिले साक्ष्यों व सबूतों के आधार पर केस को गैरइरादतन हत्या (धारा 304) में तरमीम किया गया है। मामले में नाबालिग को कार थमाने वाले कार मालिक को भी नामजद किया जाएगा। रविवार को नाबालिग कार चालक को जुवनाइल कोर्ट में पेश किया जाएगा। उसके तीन दोस्तों को शनिवार की रात थाने से छोड़ दिया गया है। पुलिस ने 20 दिनों के लिए एक किमी के दायरे में लगी मैगी की दुकानें बंद करा दी हैं।
जांच में यह बात भी आई सामने
पुलिस के जांच में कार मालिक का नाम दीपा मित्तल पता चला। थाना प्रभारी के मुताबिक कार पहले इंद्रानगर निवासी शरद के नाम थी। शरद के निधन के बाद उनकी पत्नी दीपा के नाम कार ट्रांसफर हो गई। दीपा ने कार को कुछ समय पहले विजयनगर के रविकांत को बेच दिया था। कार दीपा से रविकांत के नाम ट्रांसफर होने की प्रक्रिया आरटीओ में प्रचलित है। रविकांत का बेटा कार लेकर गया था।