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थाने में जुआरी की मौत पुलिस कस्टडी पर छोड़ गई कई सवाल, ग्रामीणों ने लगाए आरोप

Fri, 09 Nov 2018 10:47 PM IST
क्राइम डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
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थाने में जुआरी की मौत पर बवाल - फोटो : अमर उजाला
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यूपी के कानपुर में बिल्हौर क्षेत्र के चौबेपुर में बेला रोड स्थित बाबा कुआं के पास से गुरुवार दोपहर नौ जुआरियों को पकड़कर पुलिस चौबेपुर थाने ले आई। यहां उन्नाव निवासी एक जुआरी की मौत के बाद ग्रामीण भड़क गए। पुलिस की पिटाई से युवक की मौत का आरोप लगाकर थाना घेर लिया। मौके पर पहुंचे एसएसपी अनंत देव ने मामले में न्यायिक जांच का आश्वासन दिया। इस पर चार घंटे तक चला बवाल शांत हुआ। पोस्टमार्टम में पवन की जहर से मौत की पुष्टि हुई है। माथे पर चोट भी मिली है।
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थाना पुलिस ने चौबेपुर कस्बे के सुज्जा निवादा गांव निवासी लाखन, मंगल सिंह, संजय, गोपाल, दिनेश, बलवीर, सुरेंद्र, पवन और सरवन को गुरुवार को जुआ खेलते पकड़ा। पुलिस सभी को पकड़कर थाने ले आई। शाम छह बजे पुलिस हिरासत में अचानक पवन तिवारी (40) की मौत हो गई। इस पर ग्रामीण ने थाने को घेरकर हंगामा करने लगे। कई थानों की पुलिस के पहुंचने के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। इस पर ग्रामीणों का आक्रोश और बढ़ गया।

एसएसपी कानपुर नगर अनंत देव, एसपी पश्चिम संजीव सुमन, एसपी क्राइम राजेश यादव और एडीएम वित्त संजय चौहान गुरुवार रात आठ बजे चौबेपुर थाने पहुंचे। ग्रामीणों ने उन्हें बताया कि थाने में बेरहमी से पवन की पिटाई की गई। इससे उसकी मौत हुई। एसएसपी और एडीएम वित्त संजय चौहान ने जांच का आश्वासन देकर मामला शांत कराया। मूलरूप से ऊंगू गांव, उन्नाव निवासी पवन सुज्जा निवादा गांव में रहता था। नारामऊ के वेंडी स्कूल में बस में बतौर हेल्पर था। गुरुवार देर रात पकड़े गए बाकी आठ जुआरियों को पुलिस ने निजी मुचलके पर रिहा कर दिया। 
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बस चालक ने बताया कि पवन से दस साल पुराना परिचय है

थाने में जुआरी की मौत पर बवाल - फोटो : अमर उजाला
जिम्मेदार बोले
थाने में जुआरी पवन की पिटाई किए जाने की बात  निराधार है। थाने में सीसीटीवी कैमरे लगे हैं। फुटेज की जांच में ऐसी कोई बात सामने नहीं आई है। पकड़े गए अन्य जुआरियों ने मारपीट की बात से साफ  इंकार किया हैं।- अनंत देव तिवारी, एसएसपी 

नहीं पहुंचे परिजन
वेंडी स्कूल के बस चालक भेजे लाल यादव ने बताया कि पवन से दस साल पुराना परिचय है। वह खुद को ऊंगू, जिला उन्नाव का रहने वाला बताता था लेकिन वह न तो कभी वहां गया और न ही उसके परिजन उससे मिलने आए। पवन के पते के बारे में बस संचालक भारत सिंह भी कुछ नहीं बता पाए। ग्रामीणों ने बताया कि उसकी मौत के बाद भी परिजन गांव नहीं पहुंचे। 

 
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एसएसपी से सिपाही की शिकायत 

जांच का आश्वासन देते एसएसपी - फोटो : अमर उजाला
गुरुवार रात थाने पहुंचे एसएसपी अनंत देव के सामने क्षेत्रीय लोगाें ने शिकायत की। ग्रामीणों ने एसएसपी को बताया कि सिपाही त्रिमल सिंह का दो माह पहले तबादला हो चुका है, लेकिन वह थाने से रवानगी नहीं ले रहे। इस पर एसएसपी ने तत्काल सिपाही को तबादला वाली जगह ज्वाइन करने के आदेश दिए।


पुलिस कस्टडी में पवन की जहर से मौत हुई है। उसके माथे पर भी चोट थी। इसका खुलासा शुक्रवार को पोस्टमार्टम में हुआ है। डॉक्टरों ने जहर की तीव्रता और प्रकार जानने के लिए पवन का विसरा सुरक्षित किया है। चौबेपुर थानाध्यक्ष की संस्तुति पर डिप्टी सीएमओ डॉ. अरविंद यादव, डॉ. जीके मिश्रा और डॉ. राजेश वर्मा के पैनल ने पवन के शव का पोस्टमार्टम किया। पोस्टमार्टम प्रक्रिया की वीडियोग्राफी भी हुई। डॉक्टरों का मानना है कि पवन की बीमारी या किसी और वजह से नहीं, जहर से मौत हुई है।

पुलिस कस्टडी के दौरान पवन के पास जहर कहां से आया। उसने खुद जहर खाया या किसी ने खिलाया। पवन के माथे पर चोट कैसे लगी। इस तरह के कई सवाल हैं, जिन पर पुलिस अफसर जांच कर रहे हैं। पवन के परिजनों के पोस्टमार्टम हाउस नहीं पहुंचने पर बॉबी बस सर्विस के मैनेजर भारत सिंह ने साथियों और कर्मचारियों की मदद से भैरोघाट पर पवन का अंतिम संस्कार कराया। 
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