रनियां (कानपुर देहात)। यूरोपीय यूनियन (ईयू) के बीच बहुप्रतीक्षित मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) से जिले के उद्यमियों को राहत की उम्मीद जगी है। अमेरिका टैरिफ से टूट चुके ऐसे कारोबारी जो विदेश तक कारोबार करते थे उन्हें इस समझौते से बड़ी उम्मीद है। हालांकि अभी सबी को इसके लागू होने का इंतजार है।
जिले में कई ऐसे उद्यम हैं जिनका तैयार माल कई देशों में एक्सपोर्ट किया जाता है। इस समझौते से सबसे ज्यादा लाभ चर्म उद्योग को हो सकता है। जिले में रनियां और जैनपुर पड़े औद्योगिक क्षेत्र हैं। यहां पर चमड़ा, टेक्सटाइल, मसाला, प्लास्टिक, केमिकल के उद्योग हैं। यहां से बनने वाले उत्पाद विदेशों तक भेजे जाते हैं। इसमें चमड़े से बने उत्पाद प्रमुख है। जिनका सालाना करीब 700 करोड़ों का टर्न ओवर है। अमेरिका के टैरिफ से इन पर काफी विपरीत असर पड़ा।
एफटीए समझौते के बाद उद्यमियों को कारोबार बढ़ने पर उम्मीद दिखी है। उद्यमियों का कहना है कि इस ऐतिहासिक समझौते से निर्यात में 20 से 22 प्रतिशत तक वृद्धि होने की संभावना है। खासतौर पर चमड़ा और इससे बने उत्पादों, टेक्सटाइल, इंजीनियरिंग और हैंडीक्राफ्ट उद्योगों को बड़ा लाभ मिलेगा। हालांकि अभी इस मामले की शुरुआत कब होगी, इसको लेकर उद्यमियों को कम उम्मीद है।
चमड़ा और उससे बने उत्पादों पर टैरिफ को पूरी तरह शून्य कर दिया गया है। अभी तक इन उत्पादों पर 4.5 से 17 प्रतिशत तक टैरिफ लगाया जाता था। उद्यमियों का कहना है कि एफटीए से अमेरिका के भारी भरकम टैरिफ से राहत मिलेगी। कई देशों के साथ कारोबारी गतविधियां बढ़ेंगी। इसके अलावा नई तकनीकी का फायदा भी मिलेगा। इसके लागू होने पर ही उद्यमी अपना रुख बदल सकते हैं। उद्यमियों का यह भी कहना है कि इस ऐतिहासिक निर्णय से सूक्ष्म एवं लघु उद्योग को कोई फायदा नहीं पहुंचेगा। सरकार को छोटे उद्योगों को ध्यान में रखना चाहिए।
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बोले उद्योग उद्यमी
लागू होने के बाद उद्यमी होंगे खुश
यूरोपीय यूनियन, भारत का सबसे बड़ा ट्रेड पार्टनर है लेकिन इसमें समय सीमा लागू नहीं हुई है। इसको लागू होने में कितना समय लगेगा अभी यह स्पष्ट नहीं है। इस समझौते में 22 देश जुड़े है। इसको लागू होने के बाद ही एक्सपोर्ट उद्यमियों के चेहरे में पूरी तरह खुशी की झलक दिखाई पड़ेगी। - अनिल कुमार राय, चमड़ा उत्पाद निर्यातक
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उद्योग को मिलेगा बढ़ावा
यूरोप में समझौता होने पर एक अच्छी पहल है लेकिन अभी इसे लागू नहीं किया गया है। तैयार माल को यूरोप भेजने में 12 प्रतिशत ड्यूटी लगती थी। जिसको खत्म कर दिया है। टेक्सटाइल करने वाले बड़े या छोटे व्यापारियों को आने वाले सालों में उनको बढ़ावा मिलेगा। - आनंदवीर सिंह, उद्यमी
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छोटे उद्योगों पर ध्यान देने की आवश्यकता
यूरोपियों का यह समझौता बड़े उद्यमियों को बढ़ावा मिलेगा। एमएसएमई सेक्टर से जुड़े उद्योगों को सरकार बजट देंगी तो उनको भी बढ़ावा मिलेगा। सरकार को बड़े उद्योगों को छोड़कर छोटे उद्योगों की ध्यान देने की आवश्यकता है। इससे छोटे उद्योग एक्सपोर्ट पर बढ़ावा मिलेगा। - राजीव शर्मा, राष्ट्रीय सचिव आईआईए
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माइक्रो, स्माल इंडस्ट्रीज को कोई फायदा नहीं
यूरोप में हुए समझौता का असर आगे आने वाले वित्तीय वर्ष पर लागू होगा। जैसे कार में 110 टैरिफ को खत्म करके 10 कर दिया है। बड़े उद्यमियों को फायदा होगा। माइक्रो, स्माल इंडस्ट्रीज को कोई फायदा नहीं होगा। छोटी फैक्टरी वाले लोग माल विदेश नहीं भेज पाते, वह लोकल पर ही निर्भर रहता है। इससे छोटे उद्योग में बेअसर रहेगा। यह नियम बड़े उद्योग को फायदा पहुंचाएगा। - हरदीप सिंह राखरा, सीमा जोनल चेयरमैन