खुद को उत्तर प्रदेश सचिवालय का डिप्टी डायरेक्टर बता लोगों से नौकरी के नाम पर ठगी करने वाले एक एमबीए पास ठग को अकबरपुर पुलिस ने गिरफ्तार किया है। उसके पास से फर्जी नियुक्ति पत्र, मुहर, दस्तावेज सहित अन्य सामान बरामद हुआ है। पूछताछ में आरोपी ने लोगों को सचिवालय में अलग-अलग पद पर नौकरी दिलाने के नाम पर चार-चार लाख रुपये की ठगी करने की बात कुबूल की है।
अकबरपुर थानाध्यक्ष हरमीत सिंह ने बताया कि जैनपुर चौकी प्रभारी नर सिंह ने शुक्रवार देर रात को टीम के साथ टकटौली रोड नई बस्ती अकबरपुर में दबिश देकर अभिषेक शर्मा निवासी 315, ग्राम इन्द्रानगर, पोस्ट दरेरी, तहसील निघासन, थाना पढुआ, जनपद लखीमपुर को गिरफ्तार किया है। उसके पास से 18 फर्जी नियुक्ति पत्र, 18 जाली आदेश, 12 नोटिस, चार मुहर, मोबाइल, लैपटॉप, नेम प्लेट सहित अन्य सामान बरामद किया है।
पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह मई माह से नई बस्ती अकबरपुर निवासी अंकित सचान का मकान किराए पर लेकर रह रहा था। उसने एआई की मदद से अपना फर्जी आधार कार्ड बनाया था। इसमें उसने अपना वास्तविक पता छिपाकर मकान संख्या 88, मोहल्ला लक्ष्मी देवी कॉलोनी, लखीमपुर खीरी अंकित कराया था। एमबीए की पढ़ाई पूरी करने के बाद लखनऊ में नौकरी की तलाश के दौरान उसकी मुलाकात मोहल्ला काशीनगर, लखीमपुर खीरी तथा ग्राम सरखनपुर, थाना खीरी, जनपद लखीमपुर खीरी निवासी वरुण उर्फ नमपुरी उर्फ उमेश वर्मा व पावर हाउस के पास, स्टेट बैंक के पीछे, सराय निघासन, थाना निघासन, जनपद लखीमपुर खीरी निवासी देवनारायण मिश्रा से हुई थी।
वह उन दोनों के साथ मिलकर लोगों से नौकरी के नाम पर दो वर्षों से ठगी कर रहा है। इसमें वह स्वयं को सचिवालय का डिप्टी डायरेक्टर बताकर लोगों को चार लाख रुपये में सचिवालय में समीक्षा अधिकारी, क्लर्क सहित अन्य पदों पर नौकरी दिलाने का झांसा देकर रुपये ले लेता था। इसके बाद देवनारायण मिश्रा के बैंक खाते में ऑनलाइन 500 रुपये या उससे अधिक धनराशि भेजकर रुपये मिलने का संदेश देता था। खाते में उक्त धनराशि पहुंचने पर दोनों को संकेत मिल जाता था कि उसके पास दस्तावेज एवं रुपये तैयार हैं। इसके बाद वरुण कुमार एवं देवनारायण मिश्रा रुपये और दस्तावेज लेने के लिए लखनऊ से आते थे तथा उन्हें लेकर चले जाते थे।
इसके बाद एआई की फर्जी नियुक्ति पत्र, आदेश, नोटिस आदि तैयार करते थे। पकड़े जाने से बचने के लिए अलग-अलग जनसेवा केंद्रों ने फर्जी कागजातों को प्रिंट करवाकर पोस्ट के जरिये लोगों तक पहुंचा देते थे। देवनारायण व वरुण ने उसे फर्जी मुहर भी तैयार करके दी थीं। उनके प्रयोग से उसने स्वयं भी फर्जी नियुक्ति पत्र तैयार किए थे। अकबरपुर में रहने के दौरान मकान मालिक कुलदीप सचान कुछ लोगों को नौकरी के नाम पर उसके पास लेकर आया था। उन लोगों से मिली आधी धनराशि कुलदीप ने ले ली थी। पुलिस ने गिरफ्तार आरोपी को कोर्ट में पेश किया है। वहां से उसे जेल भेजा गया है।
बता दें कि इस मामले में गजनेर थाना क्षेत्र के चंद्रनगर निवासी अरुण सिंह ने बृहस्पतिवार को अभिषेक शर्मा, वरुण व श्रीकांत शुक्ला निवासी भिलसी थाना गजनेर कानपुर देहात समेत अन्य के खिलाफ जालसाजी, कूटरचित दस्तावेज इस्तेमाल कर धोखाधड़ी करने, आपराधिक धमकी देने की प्राथमिकी दर्ज कराई थी। इसमें बताया था कि उसके साथ ललिता देवी निवासी सिकहिला रसूलाबाद, दीपक कुमार निवासी तिलौंची गजनेर, प्रदीप कुमार निवासी सुघरदेवा शिवराजपुर, आशीष कुमार रनियां से भी उक्त लोगों से नौकरी दिलाने के नाम पर धोखाधड़ी की। पुलिस आरोपियों की तलाश कर रही थी।
स्वयं को सचिवालय का डिप्टी डायरेक्टर बताकर लोगों से ठगी करने वाले युवक को गिरफ्तार किया गया है। उसके पास से 18 फर्जी नियुक्ति पत्र, 18 जाली आदेश व अन्य जाली दस्तावेज बरामद हुए हैं। गिरोह के अन्य साथियों की तलाश में टीमें लगाई गई हैं। जल्द ही उनको भी गिरफ्तार किया जाएगा। अब तक ठगों के गिरोह ने कितने लोगों के साथ वारदात को अंजाम दिया है। इसकी भी जांच की जा रही है। - श्रद्धा नरेंद्र पांडेय, एसपी