औरैया। अछल्दा थाने में कोर्ट के आदेश पर बीडीओ, एडीओ व पंचायत सचिव के खिलाफ धोखाधड़ी की रिपोर्ट दर्ज हुई है। इस मामले में पीड़ित ने नवंबर 2019 में जिले के आला अधिकारियों को शिकायती पत्र दिया था। फरवरी 2020 को एडीएम के आदेश के बाद भी आरोपियों पर कोई कार्रवाई नहीं की गई थी। अब पुलिस कोर्ट के आदेश पर मामला दर्ज जांच कर रही है।
अछल्दा ब्लाक क्षेत्र के मोहम्मदाबाद गांव निवासी सुनील कुमार की तरफ से कोर्ट के आदेश पर थाना पुलिस ने ब्लॉक क्षेत्र के अधिकारियों के खिलाफ धोखाधड़ी समेत अन्य धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की है। दर्ज कराई रिपोर्ट में सुनील कुमार ने कहा है कि उसके पिता शिवशंकर तिवारी को शासन की ओर से वर्ष 2010-11 से वृद्धावस्था पेंशन मिल रही थी। वर्ष 2019-20 में जब पिता के बैंक खाते में पेंशन नहीं आई तो उसने जानकारी की।
तब पता चला कि कर्मचारियों व अधिकारियों ने पिता को अभिलेखों में मृत घोषित कर दिया है। इसलिए शासन की तरफ से पेंशन निरस्त कर दी गई है। उसके बाद शिव शंकर तिवारी ने एडीएम को प्रार्थना पत्र देकर अपने जिंदा होने के सारे साक्ष्य प्रस्तुत किए।
इस पर तत्कालीन एसडीएम बिधूना को जांच सौंपी गई। सुनील का आरोप है कि तत्कालीन ग्राम पंचायत अधिकारी मोहम्मदाबाद सलीम, एडीओ पंचायत समाज कल्याण अर्जुन दुबे व बीडीओ अछल्दा अश्वनी कुमार ने साजिश के तहत पिता को कागजों पर मृत दर्शाकर उनकी पेंशन निरस्त कर दी।
एसडीएम के आदेश पर भी दर्ज नहीं हुई रिपोर्ट
औरैया। मोहम्मदाबाद गांव निवासी सुनील कुमार ने बताया कि पेंशन निरस्त होने के कारण पिता को काफी परेशानी उठानी पड़ी। इस मामले में नामजद अधिकारियों के खिलाफ अपर जिलाधिकारी को तहसील दिवस में 28 नवंबर 2020 व 17 फरवरी 2021 को प्रार्थना पत्र दिया।
इसमें एसडीएम बिधूना की ओर से 17 फरवरी 2021 को सभी नामजद अधिकारियों के खिलाफ जांच करने की अनुमति व अछल्दा थाना पुलिस को अर्जी देकर रिपोर्ट दर्ज कराने को कहा गया।
सुनील ने बताया कि उसके पिता ने अछल्दा थाने में नामजद अधिकारियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने को तहरीर दी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। थानाध्यक्ष राकेश शर्मा ने बताया कि आरोपियों के खिलाफ कोर्ट के आदेश पर 16 दिसंबर को ही रिपोर्ट दर्ज की गई है। मामले की जांच की जा रही है।