इटावा। कांग्रेसी नेता अनिल यादव (पूर्व प्रदेश महासचिव व पूर्व जिलाध्यक्ष) उनके बेटे और भतीजे समेत चार लोगों के खिलाफ कर्नाटक की जेटवर्क कंपनी के प्रतिनिधि ने धोखाधड़ी की रिपोर्ट दर्ज कराई है। प्रतिनिधि ने 1.29 करोड़ रुपये का माल गायब कर देने व 50 लाख रुपये का फर्जी चेक देने का आरोप लगाया है।
कर्नाटक के बंगलुरू जेटवर्क मैन्युफैक्चरिंग वर्क्स प्राइवेट लिमिटेड के वरिष्ठ प्रबंधक नवनीत कुमार ने थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई है। इसमें बताया कि जेटवर्क कंपनी के कई वेयर हाउस हैं। इनमें कंपनी के उत्पाद संग्रहित कर ग्राहकों को आवश्यकतानुसार मांग पर भेजे जाते हैं। वर्ष 2023 में कंपनी के पश्चिम बंगाल जालान इंडस्ट्रियल कांपलेक्स व हाजी बागान वेयरहाउस कंपनी के उत्पाद (एलएसएफओ) लो सल्फर फ्यूल ऑयल को कानपुर के पास भेजना था। इसी सिलसिले में अनिल का भतीजा शशांक यादव व बेटा अनुराग यादव उनके पास आए थे। दोनों ने खुद को एमएस अनुराग कंपनी का प्रतिनिधि बताया था। कंपनी के पास खुद का वेयर हाउस बकेवर थाना क्षेत्र के पास बमहौरा के पास बताया गया था। इसमें इटावा व दिल्ली में हुई बैठक में भंडारण की 500 रुपये टन की शर्तें तय हुई थीं।
18 अक्तूबर 2023 के समझौते के अनुसार लीज की अवधि एक माह की थी। इसे 15 दिन तक बढ़ाया जा सकता था। उक्त व्यक्तियों ने एमएस अनुराग एसोसिएट्स के प्रतिनिधि के रूप में एक अग्रिम चेक जमानत के रूप में जारी किया था। जेटवर्क लीज के अनुसार सामान वेयरहाउस में भेजा था। 30 मार्च 2024 के पत्र के माध्यम से एमएस अनुराग ने विवरण जारी किया था। इसमें 199.300 टन माल के वेयरहाउस में होने की पुष्टि की गई थी। इसका वैध स्वामित्व जेटवर्क के पास है।
छह जून 2024 को जेटवर्क के प्रतिनिधि ने जब वेयरहाउस का निरीक्षण किया तो वहां पर मौजूद माल गायब मिला था। इस पर जब शशांक यादव से पूछताछ की तो उन्होंने संतोषजनक उत्तर नहीं दिया। इसके बाद उन्हें कई ईमेल भेजे गए थे। इनमें माल लौटाने या 1 करोड़ 29 लाख का भुगतान करने की मांग की बात कही गई थी।
सभी आरोपी न केवल टालमटोल करते रहे, बल्कि जानबूझकर धोखाधड़ी और आपराधिक विश्वासघात किया। आरोप है कि इसे लेकर अनिल यादव से बात हुई तो उन्होंने खुद को कंपनी का प्रोपराइटर बताया था। उन्होंने एक 50 लाख की चेक भी दी, जो बाउंस हो गए। प्रतिनिधि ने एएससपी से की शिकायत की। इस पर बकेवर थाने पुलिस ने कांग्रेस नेता अनिल यादव, बेटा अनुराग यादव, भतीजा शशांक यादव व एक अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। कांग्रेस नेता 2021 से 2023 तक राज्य महासचिव रह के पद पर रह चुके हैं। वहीं दो बार जिलाध्यक्ष भी रह चुके हैं।
कांग्रेसी नेता अनिल यादव ने बताया उनके पास वेयरहाउस है। इसमें उनके भतीजे ने दूसरी कंपनी का माल मंगवाकर रखा था। जो कंपनी आरोप लगा रही है। इनका माल नहीं हैं। माल के संबंध में कंपनी से कई बार पूछा भी था, लेकिन छह माह तक कोई जवाब कंपनी की तरफ नहीं देने पर माल बेच दिया गया। कंपनी के आरोप गलत हैं। जिलाध्यक्ष आशुतोष दीक्षित ने बताया कि मामले की जानकारी नहीं है। जानकारी करके प्रदेश कमेटी को अवगत कराया जाएगा।