कानपुर देहात। रैपालपुर गोशाला में गोवंशों को भूसा खिलाने व भुगतान के नाम पर 18 लाख रुपये की हेराफेरी पाई गई है। इस पूरे मामले की जांच रिपोर्ट तैयार कर जिला पंचायत राज अधिकारी ने जिला विकास अधिकारी को कार्रवाई के लिए सौंपी है। जांच रिपोर्ट के आधार पर प्रधान, पंचायत सचिव के खिलाफ कार्रवाई की तैयारी है।
ग्राम पंचायतों में बनी गोशालाओं की देखरेख की जिम्मेदारी ग्राम प्रधान, पंचायत सचिव की है। निर्देश है कि शासन से मिलने वाली धनराशि का गोवंशों को बेहतर खानपान पर खर्च किया जाए। मगर मैथा ब्लॉक की गोशाला में भूसा खरीद से लेकर भुगतान में अनियमितता बरती गई। इस गोशाला में संरक्षित गोवंशों के लिए सितंबर 2023 से मार्च 2024 तक 1435 क्विंटल भूसा खरीद दर्शा कर मनमाने तरह से पंचायत सचिव ने 18.10 लाख का भुगतान कर दिया। जो बिल, बाउचर प्रस्तुत किए गए उनका जांच में मिलान नहीं हो सका। इस पर वित्तीय अनियमिता मानी गई है।
जिला पंचायत राज अधिकारी विकास पटेल ने बताया कि पूरे मामले की जांच डीडीओ को सौंप दी है। बताया कि जांच में कई खामियां निकल कर सामने आईं। ग्राम पंचायत ने भूसा खरीद व भुगतान दो फर्म सर्वेश इंटर प्राइजेज शिवराजपुर कानपुर नगर व रौनक कटियार ट्रेडर्स से होना दर्शाया। मगर जो 14 बिल, बाउचर प्रस्तुत किए गए उनका मिलान नहीं हो सका। जांच में पाया कि सचिव आकाश कुमार ने प्रधान सुमन देवी व उनके पुत्र महेंद्र कुमार के अलावा सर्वेश इंटर प्राइजेज की फर्म के प्रोपराइटर सर्वेश कुमार के नाम से नकद व चेक के माध्यम से 18 लाख 10 हजार का भुगतान किया है, जो गलत है।
जांच के दौरान भूसा खरीद को लेकर किसी भी धर्मकांटे की तौल की रसीद नहीं पाई गई। जबकि नियमों की अनदेखी कर भूसा खरीद का भुगतान प्रधान सुमन देवी के नाम गोशाला के खाते से 230000 हजार रुपये नकद व चेक के माध्यम से किया गया। जबकि सर्वेश इंटर प्राइजेज के नाम पर 2 लाख चेक से व प्रोपराइटर सर्वेश कुमार के नाम 50 हजार रुपये नकद भुगतान किया गया। शेष भुगतान प्रधान पुत्र महेंद्र सिंह के नाम किया गया है। जबकि भूसा खरीद फर्म से होना दर्शाया गया था।
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पहले से निलंबित चल रहे सचिव
रैलापुर पंचायत में तैनात सचिव आकाश कुमार गड़बड़ी मिलने पर पहले से ही निलंबित है। पूरे मामले की जांच जिला पंचायत राज अधिकारी कर रहे थे। अब पूरे मामले की रिपोर्ट साैंपी गई है। इसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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ग्राम प्रधान को 95-जी के तहत नोटिस दिया गया है। जवाब आने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। मामले में सचिव व प्रधान दोनों दोषी है। रिकवरी व आगे की कार्रवाई के लिए जिलाधिकारी को रिपोर्ट भेजी जाएगी। - वीरेंद्र सिंह, जिला विकास अधिकारी