सरवनखेड़ा। दिव्यांग बच्चे किसी से कम नहीं है। यह अपने आप में विशिष्ट है। उन्हें हौसले की जरूरत है। सरकार इनके लिए तमाम योजनाएं चला रही है। हमारा उद्देश्य भी यही है कि इन्हें सरकारी योजनाओं का लाभ मिले और बच्चों, अभिभावकों को परेशान न होने पड़े। इसी उद्देश्य से शिविर आयोजित किया गया है। ये बातें सरवनखेड़ा ब्लॉक में आयोजित दिव्यांग शिविर में सीडीओ लक्ष्मी एन ने कही।
सरवनखेड़ा ब्लॉक में शुक्रवार को दिव्यांग बच्चों के कल्याण एवं सक्षम बनाए जाने के उद्देश्य से शिविर आयोजित किया गया। इसमें स्वास्थ्य, शिक्षा, विकास विभाग के अलावा कई विभागों ने अपने स्टॉल लगाए। एक ही छत के नीचे सुविधाएं मिल सके। इसके लिए पंजीकरण करा कर बच्चों के आधार कार्ड, दिव्यांग प्रमाण पत्र बनाए गए। सीडीओ ने बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा चिह्नित बच्चों में से 15 होम बेस्ड लर्निंग किट, 7 डीजी प्लेयर, और 2 ब्रेल किट दृष्टि बाधित बच्चों को दी। सीडीओ के हाथ उपकरण पाकर बच्चे खुश नजर आए।
सीडीओ ने कहा कि शासन की योजना का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे यही उनका उद्देश्य है। शासन द्वारा चलाई जा रही योजना का लाभ सही लाभार्थी तक पहुंचाया जाए। दिव्यांग बच्चों के अभिभावकों को सरकारी कार्यालय की भाग दौड़ से बचाने के लिए सभी विभागों को एक साथ ब्लॉक परिसर में लाकर लाभांवित किया गया है। ताकि दिव्यांग बच्चे भी समाज की मुख्य धारा में शामिल होकर एक बेहतर जीवन जी सके। शिविर में बाल विकास विभाग द्वारा 6 वर्ष से कम उम्र के 52 बच्चों का पंजीकरण किया गया। जिसमें से 45 का परीक्षण करते हुए 12 के आधार कार्ड जारी किए गए एवं शेष का आवेदन कराया गया।
बेसिक शिक्षा विभाग को 6 वर्ष से ऊपर के 134 नामांकन प्राप्त हुए जिसमें 34 बच्चों के मौके पर आधार बनाए गए। पंचायती राज विभाग में 149 पंजीकरण हुए। आरबीएसके टीम द्वारा 9 लोगों की शुगर जांच की गई जिसमें 3 लोग हाई शुगर के चिन्हित हुए। 31 लोगों को ओपीडी के माध्यम से निशुल्क दवाई उपलब्ध कराई गई। दिव्यांग उपकरण के लिए 2 आवेदन आए। दिव्यांगता प्रमाण पत्र के लिए 41 ने आवेदन किया। जिसमें से मौके पर 10 प्रमाण पत्र जारी कर दिए गए।
इस दौरान जिला विकास अधिकारी/खंड विकास अधिकारी वीरेंद्र सिंह, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डाॅ. एके सिंह, एसीएमओ डाॅ. एसएल वर्मा, खंड शिक्षा अधिकारी अजीत प्रताप सिंह, जिला समन्वयक समेकित शिक्षा अश्वनी आनंद आदि रहे।