फतेहपुर जिले के जहानाबाद कस्बे में पांच सालों तक बीमा और बैंकिंग के नाम करोड़ों रुपये जमा कराकर एफआईएम ग्रुप कंपनी भाग गई। मेच्योरिटी शुरू होने पर कंपनी के अधिकारी दफ्तर में ताला बंद कर गायब हो गए। एसपी प्रशांत वर्मा ने मामले की जांच के आदेश दिए हैं।
कस्बे में एफआईएम ग्रुप के नाम से कंपनी ने पांच साल में धन दोगुना करने के साथ बीमा का लाभ देने का भरोसा दिलाकर काम प्रारंभ किया था। वह रजिस्टर्ड बताई जा रही है। कंपनी ने कस्बे में थाने के पास दफ्तर खोला था।
कंपनी के अधिकारियों ने लोगों में भरोसा पैदा करने के लिए स्थानीय लोगों को विभिन्न पदों पर नौकरी दी थी। इन लोगों ने अपने परिचितों, रिश्तेदारों की थोक के भाव पूंजी कंपनी में जमा कराई थी। ग्राहकों को बताया जाता था कि कंपनी जमा पूंजी से जमीन क्रय करेगी।
लोगों की जमा पूंजी जब मेच्योर होने का समय आया तो ग्राहकों ने धन की मांग की। ऐसे में कंपनी ने फर्जी चेक थमा दीं। कुछ दिन बाद चेक बैंक में लगाने की बात कही। समय पूरा होने पर जब लोगों ने बैंक में चेकें लगाईं तो बाउंस हो गईं।
जब निवेशकों ने दोबारा धनराशि मांगी तो, कंपनी ताला बंद कर भाग गई। ऐसे में उपभोक्ताओं ने एसपी प्रशांत वर्मा से मामले की शिकायत की। एसपी ने थानाध्यक्ष जहानाबाद को जांच कर कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।
शिकायतकर्ता देवनारायण ने बताया कि उनका एक लाख, रामबहादुर का 75000, रामचंद्र, राम औतार, गंगाराम का 60, 60 हजार, रामकुमार जयपाल वर्मा एक लाख 20 हजार, रमेश, रामबाबू रमेश, आमीन, शान्ति देवी का 60, 60 हजार रुपये जमा होने की शिकायत की है।
बताया कि इस तरह क्षेत्र के सैकड़ों लोगों का पैसा जमा है। शिकायत में प्रबंधक सुनील सिंह भदौरिया, डायरेक्टर यतेंद्र कुमार, रविंद्र कुमार, राजेंद्र सिंह, अशोक सिंह, संजय साहू, सुशील कुमार पर पैसा जमा कराकर हजम करने का आरोप लगाया है।
प्रभारी निरीक्षक संतोष कुमार शर्मा ने बताया कि शिकायत मिली है। मामले की जांच की जा रही है। कुल कितने लोगों ने कितनी धनराशि जमा की है। इसका खुलासा जांच पूरी होने के बाद लग पाएगा। जांच के बाद रिपोर्ट दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी।