15 हजार से लेकर एक लाख रुपये तक लेते थे
जालसाज नौकरी दिलाने के एवज में 15 हजार से लेकर एक लाख रुपये तक लेते थे। पुलिस ने पकड़े गए आरोपियों को कोर्ट में पेश करने के बाद जेल भेज दिया। डीसीपी ने बताया कि हिमांशु खुद को सेना का मेजर और अंकुर कैप्टन बताता था। वह बेरोजगार युवक व युवतियों को सेना में नौकरी लगवाने के नाम पर फांसते थे।
आई कार्ड समेत अन्य दस्तावेज देते थे
इसके लिए दोनों कालेजों के बाहर घूमते रहते थे। किसी को शक होने पर दोनों आर्मी का ब्रिगेडियर बनकर बात करते थे। झांसे में आने युवक, युवती जब रुपये दे देते तो दोनों जालसाज अपने एक अन्य साथी आदित्य की मदद से कंप्यूटर द्वारा फर्जी नियुक्ति पत्र, आई कार्ड समेत अन्य दस्तावेज तैयार कर उनको दे देते थे।
ट्रेनिंग के नाम पर कराते थे कथा और जुलूस में ड्यूटी
पीड़ित युवतियों ने पुलिस को बताया कि पकड़े गए जालसाज उनको ट्रेनिंग के नाम पर कभी मोतीझील में चल रही कथा में तो कभी चमनगंज में जुलूस में ड्यूटी करने के लिए कहते थे। कई बार जंगल में ट्रेनिंग करने के लिए दिल्ली भी लेकर गए, लेकिन जब उन्होंने सैलरी व अधिकारियों से मिलवाने के लिए कहा तो वह धमकी देने लगते थे।
सैन्य अधिकारियों से शिकायत के बाद खुली पोल
डीसीपी ने बताया कि ठगी की शिकार कल्याणपुर आवास विकास तीन निवासी अनुराधा त्रिवेदी, श्रद्धा गुप्ता, अंकिता गुप्ता, प्रीति कुमारी और मोहित कुमार रविवार को सेना के अधिकारियों पास पहुंचीं। जहां उन्होंने सैन्य अधिकारियों को बताया कि सेना में नौकरी लगवाने के नाम पर उनसे छह से आठ हजार रुपये ले लिए गए हैं।
युवतियों को टेरीटोरियल आर्मी में कराता है भर्ती
मेजर हिमांशु नाम का युवक उन्हें झींझक रेलवे स्टेशन पर मिला। हिमांशु ने बताया कि वह 55 बटालियन पीएसी में कार्यरत है और वह युवक युवतियों को टेरीटोरियल आर्मी में असिस्टेंट के रूप में भर्ती कराता है। जानकारी के बाद सैन्य अधिकारियों ने जब जांच कराई तो मेजर हिमांशु के नाम से कोई नहीं मिला।
लड़कियों को फर्जी तरीके से कराते थे एनसीसी की ट्रेनिंग
पुलिस की पूछताछ में पता चला कि हिमांशु और अंकुर सेना की वर्दी पहनकर स्कूल के बाहर छात्राओं से मिलते और उन्हें सेना में नौकरी दिलाने की बात करते। जो लड़कियां तैयार हो जाती, उन्हें पहले एनसीसी की ट्रेनिंग करने को कहा जाता है। ट्रेनिंग व अन्य दस्तावेजी खर्चों के नाम पर लड़कियों से 20 से 25 हजार रुपये ठग लिए जाते।