रूरा (कानपुर देहात)। रूरा निवासी तीन दोस्त लखनऊ से अपने एक साथी संग कार से उज्जैन महाकालेश्वर दर्शन करने के लिए गए थे। रविवार को वहां से सालासर जाने के दौरान दौरान दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर राजस्थान के कोटा जिले के चेचर थाना क्षेत्र में उनकी कार आगे चल रहे ट्रक से टकरा गई। हादसे में चारों युवकों की मौके पर ही मौत हो गई। मौत की सूचना पर आने पर परिजन को युवकों के बाहर घूमने जाने की बात पता चल सकी।
रूरा के राम नगर निवासी कृष्ण कुमार चतुर्वेदी का इकलौता बेटा प्रांजुल चतुर्वेदी (25) लखनऊ में कैब चलाता था। वहीं, पालीवाल नगर निवासी प्राइवेट शिक्षक अनुपम का बेटा श्रेष्ठ वाजपेयी (22) लखनऊ में प्राइवेट नौकरी करता था। कार चालक बिंदु दुबे का बेटा अंकुश (19) घर पर ही रहता था। तीनों युवक शनिवार को लखनऊ निवासी अपने दोस्त अंशु प्रताप सिंह की कार से उसके साथ मध्य प्रदेश के उज्जैन में महाकालेश्वर के दर्शन करने लिए पहुंचे थे।
रविवार को वहां से सालासर की ओर जाने के दौरान दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर उनकी कार आगे चल रहे ट्रक में घुस गई। हादसे में चारों दोस्तों की मौके पर ही मौत हो गई। पुलिस की ओर से घटना की जानकारी मिलते ही तीनों के परिजन परेशान हो गए। तीनों के परिजन ने बताया कि उनको पता ही नहीं था कि बेटे कहीं घूमने गए थे। वहीं, बिंदु दुबे ने बताया कि बेटा कुछ दिन पहले अपने दोस्त के पास दिल्ली जाने की बात कहकर निकला था। वह राजस्थान कैसे पहुंच गया। इसकी उन्हें जानकारी नहीं दी।