जिन रोगियों का ब्लड शुगर लेवल लगातार अधिक बना रहा है, वे ब्लैक फंगस की चपेट में आ रहे हैं। हैलट में ऐसे चार रोगी आए हैं। इनमें से दो रोगियों की आंखों पर बहुत बुरा असर है। रोशनी चली गई है और इनका मूवमेंट रुक गया है। रोगियों को ईएनटी, मेडिसिन इमरजेंसी में भर्ती कराया गया है।
दवा न मिलने से तीमारदार परेशान हैं। इनमें तीन पहले कोविड की चपेट में थे और एक रोगी नॉन कोविड है। ब्लैक फंगस के रोगियों की संख्या धीरे-धीरे बढ़ रही है। ईएनटी और नेत्र रोग विशेषज्ञों के यहां रोगी शुरुआत में आ रहेे हैं। इसके बाद हालत बिगड़ने पर हैलट में जा रहे हैं।
कुछ रोगी निजी अस्पतालों में भर्ती होकर इलाज करा रहे हैं। हैलट में चार रोगी भर्ती हैं। एक वृद्ध रोगी की ब्लड शुगर हाई होने की वजह से उन्हें मेडिसिन की इमरजेंसी यूनिट में भर्ती किया गया। जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. आरबी कमल ने बताया कि ब्लैक फंगस के रोगी का 84 इंजेक्शन का कोर्स होता है। दवा मिलनी मुश्किल पड़ रही है।
किसी तरह से इलाज किया जा रहा है। सीएमओ डॉ. नेपाल सिंह ने बताया कि नगर में ब्लैक फंगस के रोगी बढ़ने की पुष्टि हो गई है। वहीं निजी क्षेत्र के ईएनटी और नेत्र रोग विशेषज्ञों के पास रोगी आ रहे हैं। आईएमए उपाध्यक्ष और सीनियर ईएनटी सर्जन डॉ. ब्रजेंद्र शुक्ला ने बताया कि शनिवार को उनके पास दो रोगी आए। इसके अलावा अन्य विशेषज्ञों के यहां भी आ रहे हैं।