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मुंबई और दिल्ली की तर्ज पर 220 करोड़ रुपये की लागत से होगा निर्माण
नेशनल वाइल्ड लाइफ से मिली एनओसी, अक्तूबर से शुरू हो जाएगा निर्माण कार्य
संवाद न्यूज एजेंसी
इटावा। उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश को जोड़ने के लिए अब इटावा और भिंड के बीच नया फोर लेन ब्रिज का निर्माण किया जाएगा। इसके लिए शासन से 220 करोड़ रूपए की धनराशि स्वीकृत कर दी गई है। यह फोरलेन एक्स्ट्रा डोज ब्रिज पूरी तरह से आधुनिक तकनीकी से बनाया जाएगा।
ब्रिज पर नीचे पिलर होंगे तो वहीं ऊपर से तारों का पूरा सपोर्ट होगा। इसको लेकर पहले सर्वे का कार्य पूरा कर लिया गया था, लेकिन वन विभाग और नेशनल वाइल्ड लाइफ की एनओसी न मिलने के कारण पिछले दो साल से पुल बनाने की योजना अधर में लटकी हुई थी।
इटावा-भिंड के बीच चंबल पर बने पुल को 50 साल से अधिक समय हो चुका है। जिसके चलते पुल 10 साल में 11 बार क्षतिग्रस्त हो चुका है। बार-बार मरम्मत के बाद भी कुछ दिनों के बाद ही पुल में कोई न कोई कमी आ जाती है, जिससे पुल पर वाहनों के आवागमन को रोकना पड़ता है। पिछले वर्ष भी पुल के पिलर के रोलिंग बियरिंग टूट गए थे जिसके चलते एक साल तक पुल पर वाहनों का आवागमन बंद हो गया था।
इसके बाद इसी वर्ष जून में पुल को फिर से चालू कर दिया गया। लेकिन दो माह बाद फिर से बियरिंग क्षतिग्रस्त हो गया और अब फिर से इसकी मरम्मत का कार्य किया जा रहा है। इसी को ध्यान में रखते शासन ने चंबल पर पिछले दो साल से लटके एक्स्ट्रा डोज ब्रिज के निर्माण को हरी झंडी दे दी और इसके लिए 220 करोड़ रुपये की धनराशि भी स्वीकृत कर दी है।
लंबे समय से वन विभाग और नेशनल वाइल्ड लाइफ से भी अनुमति नहीं मिल पा रही थी। यह कार्य भी हाल ही में हो गया है और दोनों ही जगह से ब्रिज के निर्माण के लिए एनओसी मिल गई है। सभी रास्ते साफ होने के बाद अब अक्तूबर में इस ब्रिज के निर्माण का कार्य शुरू हो जाएगा।
दिल्ली के सिग्नेचर ब्रिज की तरह दिखेगा चंबल ब्रिज
चंबल पर बनाया जा रहा ब्रिज देखने में दिल्ली के सिग्नेचर ब्रिज की तरह होगा। इसी प्रकार का ब्रिज हाल ही में प्रयागराज में गंगा नदी के ऊपर बनाया जा रहा है। महाराष्ट्र के मुंबई में भी समुद्र पर वर्ली से जोड़ने के लिए बनाया गया है। इन्हीं आधुनिक ब्रिजों की तर्ज पर ही चंबल पर नया ब्रिज बनाया जाएगा।
एएससी इन्फ्राटेक कंपनी बनाएगी ब्रिज
चंबल नदी पर नए ब्रिज के निर्माण के लिए टेंडर प्रक्रिया को भी पूरा किया जा चुका है। इस प्रकिया के तहत दिल्ली की कंपनी एएससी इंफ्रांटेक लिमिटेड को ब्रिज के निर्माण की जिम्मेदार सौंपी गई है। कंपनी के इंजीनियरों ने पुल के निर्माण को लेकर मेपिंग का काम पुरा कर लिया है। जल्द से जल्द कंपनी पुल का निर्माण कार्य शुरू करने की तैयारी में है।
पुराने पुल से पश्चिम की ओर 60 मीटर दूर बनेगा नया ब्रिज
फोर लेन एक्स्ट्रा डोज ब्रिज पुराने पुल के पास ही होगा। इस ब्रिज का निर्माण अप स्ट्रीम साइड एरिया में किया जाएगा। जो पुराने चंबल पुल से पश्चिम की और 60 मीटर दूर हटकर होगा। जिससे पुल को जाने के लिए किसी नए रास्ते का निर्माण करने की जरूरत नहीं होगी। दोनों छोर की पुरानी सड़क को ही मोड़कर इस ब्रिज से जोड़ दिया जाएगा।
600 मीटर लंबाई व 18 मीटर होगी चौड़ाई
नए फोर लेन ब्रिज 600 मीटर लंबा और 18 मीटर चौड़ा होगा। इस ब्रिज पर आने जाने के लिए चार लेन होंगी। जिसमें से दो लेन इटावा की ओर से भिंड की ओर जाने वाले वाहनों के लिए होगी, तो वहीं दो लेन भिंड से इटावा की ओर आने वाले वाहनों के लिए होंगी।
एक्स्ट्रा डोज ब्रिज की यह होती है खास बात
एक्स्ट्रा डोज ब्रिज की खास बात होती है कि इस ब्रिज को दो जगह से सर्पोट दिया जाता है। जहां पर एक ओर ब्रिज पिलर पर पूरी तरह से जकड़ा होता है वहीं, ऊपर भी मजबूत स्टील के पिलर होंगे, जिसपर स्टील वायर से ब्रिज को सपोर्ट दिया जाता है। जिससे ब्रिज को अलग से मजबूती मिलती है। बाढ़ की स्थिति में इस तरह के ब्रिज को कोई नुकसान नहीं होता, वहीं इनकी भार सहने की क्षमता भी काफी अधिक हो जाती है।
अक्तूबर में सबसे पहले होगा टेस्टिंग का कार्य
ब्रिज के निर्माण का कार्य अगले ही माह से शुरू हो जाएगा। यहां पर सबसे पहले कंपनी के इंजीनियर पिलर बनाने के लिए टेस्टिंग का कार्य शुरू करेंगे। टेस्टिंग पूरी होने के बाद चंबल में पिलर के निर्माण का कार्य शुरू कर दिया जाएगा। एक-एक कर सभी पिलर बनाए जाने के बाद ब्रिज को जोड़ने का कार्य किया जाएगा।
वर्जन
चंबल नदी पर पुल बनाने के लिए नेशनल वाइल्ड लाइफ से अनुमति नहीं मिल पा रही थी। अब एनओसी मिल गई है। निर्माण की धनराशि भी स्वीकृत हो चुकी है। अगले माह से पुल निर्माण का कार्य शुरू कर दिया जाएगा। यह पुल मुंबई, प्रयागराज और दिल्ली में बने अत्याधुनिक पुलों की तरह का होगा।-मुकेश ठाकुर,अधिशासी अभियंता पीडब्लूडी