कानपुर देहात। जल जीवन मिशन में पूरी हो चुकी 290 योजनाओं में पाइप लाइन डालने के दौरान खोदी गई सड़क को दुरुस्त कराने का अभियान शुरू किया गया है। इससे आवागमन में सहूलियत होगी। हर दिन तीन किमी सड़क दुरुस्त कराने का लक्ष्य है। हालांकि शुरुआत धीमी हुई है। छह दिन में करीब चार किमी सड़क दुरुस्त हुई है। 10 नवंबर तक काम पूरा कराने का लक्ष्य है।
जल जीवन मिशन में हर घर में नल से जल कार्यक्रम चल रहा है। कुल 498 टंकियां बनाने का लक्ष्य है। इसमें से अब तक 290 टंकियां पूरी हो चुकी है। कार्यदायी संस्थाओं को ही दस साल के लिए इन टंकियों के संचालन का दायित्व दे दिया गया है। इधर 107 वह योजनाएं हैं, जहां पर सीधे नलकूप से घरों में जलापूर्ति की जा रही है। पाइप लाइन बिछाने में गांवों की सीसी या फिर इंटरलॉकिंग सड़कें उखड़ गई थीं। फौरी तौर पर सड़कों को ठीक कराया गया था लेकिन इससे गड्ढे बने थे और ऊबड़-खाबड़ रास्तों से आवाजाही में परेशानी हो रही थी।
जिन योजनाओं में काम पूरा हो चुका है वहां सड़कें ठीक कराने के लिए पहली अक्तूबर से 10 नवंबर तक अभियान चलेगा। कुल करीब 125 किमी से अधिक लंबाई में सड़कों को दुरुस्त कराया जाना है। हर दिन करीब तीन किमी से अधिक लंबाई में सड़कों को ठीक कराया जाना है। फिलहाल शुरुआत धीमी हुई है। छह दिन में करीब चार किमी सड़कें ही दुरुस्त कराई जा सकी हैं। 15 टीमों से शुरू हुए अभियान में अब 40 टीमें काम कर रही हैं। हालांकि जिम्मेदार अधिकारियों का कहना है कि लक्ष्य समय से पहले ही सड़कों को दुरुस्त करा लिया जाएगा। शुरुआत में कम टीमें लगी थी लेकिन अब लगातार टीमें बढ़ाई जा रही हैं।
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बयान.....
पेयजल योजनाओं में पाइप लाइन डालने में गलियां क्षतिग्रस्त हो गई थीं। शुरुआत में इन रास्तों को फौरी तौर पर ठीक कराया गया था लेकिन अब अभियान चलाकर सड़कों को ठीक कराया जा रहा है। तेजी से काम हो रहा है। लक्ष्य समय से पहले सड़कों को दुरुस्त करा लिया जाएगा। हर दिन कराए गए कार्यों की मॉनीटरिंग की जा रही है। - टीआर कटारिया, एक्सईन जल निगम
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मरम्मतीकरण में इन कार्यदायी संस्थाओं की टीमें लगीं
जल जीवन मिशन में चार कार्यदायी संस्था काम कर रही हैं। अब तक सबसे अधिक पेयजल योजनाएं जीवीपीआर ने पूरी की हैं। जीवीपीआर ने 143 योजनाएं पूरी कर ली हैं। आईएचपी ने 118 योजनाएं पूरी की है। एससीएल की 21 योजनाएं पूरी हैं। वहीं वीटीएल की आठ योजनाएं पूरी हैं। इन चारों कार्यदायी संस्थाओं की टीमें सड़क दुरुस्त करने में लगी हैं।