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तीन मासूम समेत बुखार से चार की मौत, बालक में डेंगू की पुष्टि

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कानपुर देहात। अफसर चाहे लाख दावा करें, लेकिन जिले मेें बुखार हर रोज कहर बरपा रहा है। बुखार की चपेट में आकर राजपुर कस्बा, अजईपुरवा व सुल्तनापुर गांव निवासी तीन मासूमों व नोनापुर निवासी युवक की मौत हो गई। वहीं झींझक कस्बा निवासी एक बालक मेें डेंगू की पुष्टि हुई है।
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बुधवार को सरकारी अस्पतालों में बुखार के 36 नए मरीज मिले, जिनका उपचार किया गया है। वहीं निजी नर्सिंग होम व चिकित्सकों के पास पहुंच रहे मरीजों का कोई ब्योरा नहीं मिल रहा है। जिले में डेंगू व बुखार से मौतों का आंकड़ा बढ़कर 19 तक पहुंच गया है।
राजपुर कस्बा निवासी परवेज की नौ माह की पुत्री नसरा को पांच दिन पहले बुखार आया था। परिजन उसे इलाज के लिए कानपुर ले गए। वहां आराम मिलने पर वापस सोमवार को घर ले आए। देर शाम मासूम की हालत फिर से बिगड़ गई। परिजन जब तक उसे इलाज के लिए ले जाते, नसरा की मौत हो गई। उसके बाबा मुस्लिम (55), चचेरी बहन आलिया (4) पुत्री जावेद व आतिफ (6) पुत्र असलम बुखार की चपेट में हैं।
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रूरा क्षेत्र के अजईपुरवा निवासी सत्यम शुक्ला की पुत्री खुशी (2) की बुखार व उल्टी से हालत बिगड़ गई। परिजन उसे उपचार के लिए ले जा रहे थे, लेकिन रास्ते में मासूम की मौत हो गई। यहां पर भी स्वास्थ्य विभाग की टीम नहीं पहुंची। उधर पुखरायां के नोनापुर निवासी सुधीर की भी मंगलवार को बुखार आने से हालत बिगड़ गई। बुधवार को सुधीर की मौत हो गई। सीएचसी के चिकित्सक आदित्य सचान ने बताया कि परिवारीजनों ने युवक को एक दिन बुखार आने की बात कही है। उसे कहीं उपचार के लिए भी नहीं ले गए थे।
वहीं भोगनीपुर तहसील क्षेत्र के सुल्तनापुर गांव निवासी मजदूर जितेंद्र सिंह की दो वर्षीय पुत्री राधिका को पिछले दो दिन से बुखार आ रहा था। परिजन घर पर दवा ही दवा दे रहे थे। बुधवार को हालत बिगड़ने पर परिजन उसे पुखरायां सीएचसी लेकर पहुंचे। जहां गंभीर हालत मेें जिला अस्पताल के लिए रेफर कर दिया गया। यहां ईएमओ डॉ. श्रीप्रकाश ने राधिका को मृत घोषित कर दिया। ईएमओ ने बताया कि परिजनों ने बच्ची को बुखार आने की जानकारी दी थी।
झींझक कस्बा निवासी नेहा (32) पत्नी नितिन पोरवाल उर्फ अंशू की छह अगस्त को बुखार से मौत होने के बाद परिजनों के रक्त के सैंपल लिए थे। इसकी रिपोर्ट में पुत्र साहिल (11) में डेंगू की पुष्टि हुई है। परिजनों ने उसे कानपुर के निजी अस्पताल में भर्ती कराया है। वहीं बुधवार को बुखार पीड़ितों की अस्पतालों में जमकर भीड़ उमड़ी। इस दौरान रसूलाबाद सीएचसी में बुखार पीड़ित सात मरीज, झींझक में 12, रूरा में छह, संदलपुर क्षेत्र की हवासपुर सीएचसी में तीन, राजपुर पीएचसी मेें एक, रनियां पीएचसी मेें चार नए मरीज पाए गए। जिनका परीक्षण कर दवा दी गई।
झींझक निवासी महिला की डेंगू से मौत होने की पुष्टि हुई है। टीम भेजकर दवा छिड़काव व संदिग्धों का सैंपल लिया गया है। राजपुर व अजईपुरवा में मासूमों की मौत होने की जानकारी नहीं है। टीम भेजकर जांच कराई जाएगी। - डॉ. एके सिंह (सीएमओ)
जिले में डेंगू से पहली मौत की पुष्टि
कानपुर देहात। स्वास्थ्य महकमे के अनुसार जिले मेें डेंगू से पहली मौत छह अगस्त को झींझक कस्बे के आजाद नगर निवासी नेहा (32) पत्नी नितिन उर्फ अंशू पोरवाल की हुई है। सीएमओ डॉ. एके सिंह ने बताया कि नेहा को सबसे पहले औरैया में डॉक्टर को दिखाया गया।
वहां आराम न मिलने पर परिजनों ने चार अगस्त को कानपुर के निजी अस्पताल में भर्ती कराया था। यहां एलाइजा जांच मेें नेहा में डेंगू एनएस-वन पॉजिटिव पाया गया। जिसके चलते शरीर के विभिन्न अंगों ने काम करना बंद कर दिया और मल्टी ऑर्गन फेल होने से मौत हो गई। उन्होंने बताया कि मृतका के बेटे साहिल की रिपोर्ट भी डेंगू पॉजिटिव आई है।
डेंगू से मौत के बाद शुरू हुआ सफाई अभियान
झींझक। कस्बे में डेंगू व बुखार के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए नगर पालिका ने अभियान चलाकर सभी वार्डों में साफ-सफाई कराई व कीटनाशक छिड़काव शुरू कराया है। साथ ही लोगों को मच्छरदानी का प्रयोग करने, साफ पानी का इस्तेमाल आदि सावधानियों के प्रति जागरूक किया जा रहा है। ईओ रामअचल कुरील ने बताया कि सभी वार्डों में कीटनाशक व सफाई के लिए अभियान चलाया जा रहा है।
डेंगू-बुखार नियंत्रित करेंगे एसीएमओ व चार डिप्टी सीएमओ
कानपुर देहात। जिले मेें बढ़ते डेंगू, मलेरिया व बुखार मरीजों को देखते हुए एसीएमओ व चार डिप्टी सीएमओ को दो-दो ब्लॉकों का नोडल नामित किया गया है। सीएमओ ने बताया कि एसीएमओ डॉ. एसएल वर्मा को ब्लॉक डेरापुर व सरवनखेड़ा का नोडल बनाया गया है।
डिप्टी सीएमओ डॉ. आईएच खान को अकबरपुर व मैथा, डिप्टी सीएमओ डॉ. एपी वर्मा को संदलपुर व राजपुर, डिप्टी सीएमओ डॉ. मोहन झा को रसूलाबाद व झींझक, डिप्टी सीएमओ डॉ. कुलदीप सिंह तोमर को अमरौधा व मलासा का नोडल अधिकारी नामित किया गया है। उक्त अधिकारी अपनी निगरानी में डेंगू व बुखार मरीज मिलने पर निरोधात्मक कार्रवाई करेंगे व रिपोर्ट देंगे।
मीडिया से मौत की जानकारी पर होती खानापूरी
कानपुर देहात। जिले के प्रशासनिक व स्वास्थ्य अमले की लंबी-चौड़ी फौज होने के बाद भी सूचना तंत्र निष्क्रिय पड़ा है। गांवों में 1700 से अधिक आशा बहू, दर्जनों एएनएम सहित अन्य कर्मचारियों की तैनाती है, लेकिन डेंगू व बुखार से मौत होने पर अफसर व कर्मियों को जानकारी नहीं हो पाती। समाचार पत्रों में मौत की सूचना प्रकाशित होने के बाद स्वास्थ्य टीमें मौके पर जाकर खानापूरी कर देती।
डेंगू व बुखार पर इन नंबरों पर दें जानकारी
कानपुर देहात। जिले मेें डेंगू व बुखार की समस्या पर लोग कंट्रोल रूम में स्वास्थ्य अधिकारियों को फोन पर जानकारी दे सकते हैं। जिस पर टीम को मौके पर भेजकर समस्या का निराकरण कराया जाएगा।
डीएम जेपी सिंह ने बताया कि परिवार के किसी भी व्यक्ति को डेंगू जैसे लक्षण या बुखार होने पर जिला मलेरिया अधिकारी मारुति दीक्षित के मोबाइल नंबर 9236492196, संक्रामक रोग नोडल/डिप्टी सीएमओ डॉ. एपी वर्मा के 9839673095, 9415951810 पर संपर्क कर जानकारी दी जा सकता है। डीएम ने कहा कि लोग मच्छरजनित बीमारियों से बचाव के लिए विशेष सावधानी बरतें।
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