एक रिश्तेदार को बेच दिया बिना निर्माण का फ्लैट
इस पर फ्लैट के निर्माण के लिए बिल्डर जयेश सोनकर की फर्म जेए कंस्ट्रक्शन से एग्रीमेंट हुआ था। नक्शे के विपरीत भवन निर्माण करने के कारण केडीए ने बिल्डिंग सील कर दी थी, जो आज भी सील है। बिल्डर जयेश ने धोखाधड़ी कर बिना उनके हस्ताक्षर के कूटरचित पॉवर ऑफ अटॉर्नी बनाई। सील बिल्डिंग पर बैंक से लोन लिया और फर्जीवाड़ा कर अपने ही एक रिश्तेदार को बिना निर्माण का फ्लैट बेच भी दिया।
झूठा मुकदमा दर्ज कराने की कोशिश की
इन सब धोखाधड़ी पर जब उन्होंने जयेश के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई, तो जयेश ने उन पर दबाव बनाने व समाज में उनकी छवि को खराब करने के लिए जगह-जगह झूठे प्रार्थना पत्र देने शुरू कर दिए। आईजीआरएस, पुलिस कमिश्नर, मानवाधिकार आयोग और यहां तक कि कोर्ट में भी झूठा प्रार्थना पत्र देकर उनके खिलाफ झूठा मुकदमा दर्ज कराने की कोशिश की गई।
घटना झूठी पाए जाने पर पुलिस ने फाइनल रिपोर्ट लगाई
जयेश के पिता अजय सोनकर ने भरी कचहरी में उनके साथ अभद्रता की और उन्हें धमकाया। इसके बाद भी यह लोग शांत नहीं हुए और जुलाई 2024 में जयेश की बहन अनुया सोनकर ने उनके खिलाफ छेड़छाड़ की झूठी रिपोर्ट दर्ज करा दी। इस घटना के अखबारों में छपने के बाद लोगों ने उनका मजाक बनाया, जिससे उन्हें बहुत मानसिक आघात पहुंचा। छेड़छाड़ की घटना झूठी पाए जाने पर पुलिस ने फाइनल रिपोर्ट लगा दी थी, जिसे विशेष न्यायालय एससी एसटी एक्ट ने स्वीकार भी कर लिया।
कोर्ट में मानहानि का परिवाद दर्ज कराया
पुलिस ने अनुया के खिलाफ भी मुकदमा दर्ज करने की संस्तुति की थी, लेकिन मुकदमा दर्ज नहीं हो सका। कुलदीप के अधिवक्ता आशीष अग्रवाल ने बताया कि समाज में कुलदीप सिंह की छवि खराब करने, उनको शारीरिक और मानसिक आघात पहुंचाने के लिए बिल्डर जयेश सोनकर, उसके पिता अजय सोनकर और बहन अनुया सोनकर के खिलाफ कोर्ट में मानहानि का परिवाद दर्ज कराया है। कोर्ट से तीनों को तलब कर दंडित करने की मांग की है।