पूर्व मुख्यमंत्री मायावती के साथ पूर्व कैबिनेट मंत्री अकबर अली
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जालौन जिले के उरई में बसपा सरकार में कैबिनेट मंत्री और वरिष्ठ अधिवक्ता अकबर अली (84) का बुधवार शाम निधन हो गया। वह कुछ समय से अस्वस्थ चल रहे थे। वह बसपा से दो बार विधायक और एक बार कैबिनेट मंत्री रह चुके हैं।
अकबर अली सबसे पहले सन् 1989 में उरई विधानसभा से बसपा के टिकट पर विधायक चुने गए थे। 1993 में सपा और बसपा गठबंधन के उम्मीदवार बने। वह फिर से विधायक चुने गए। 1995 में मायावती मुख्यमंत्री बनीं तो उन्होंने जिले से तीन कैबिनेट मंत्री बने थे, इनमें अकबर अली भी शामिल थे।
अकबर अली को जेल मंत्री बनाया गया था। पार्टी में उपेक्षित होने पर 2002 में अकबर अली समाजवादी पार्टी और 2007 में कालपी विधानसभा से कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़े। दोनों ही चुनाव में उन्हें हार का सामना करना पड़ा। इसके बाद वह वापस बसपा में आ गए। वर्तमान में भी वह अधिवक्ता के अलावा पार्टी के प्रमुख कार्यक्रमों में ही शामिल दिखाई देते थे।