कानपुर में पूर्व इंस्पेक्टर दिनेश त्रिपाठी पर दुष्कर्म का आरोप लगाने वाली पीड़िता के पिता की सोमवार सुबह संदिग्ध हालात में मौत हो गई। सोते वक्त ही उनकी सांसें उखड़ गईं। चौकी पुलिस को मामले की जानकारी थी लेकिन उन्होंने लापरवाही बरती।
कुछ देर बाद परिजन शव लेकर गांव चले गए। देर शाम जब मामला मीडिया तक पहुंचा तब पुलिस अफसर सक्रिय हुए। दावा कर रहे हैं कि परिवार से संपर्क किया गया है। शव वापस लाकर उसको पोस्टमार्टम कराया जाएगा। पूर्व इंस्पेक्टर दिनेश त्रिपाठी के चकेरी फ्रेंड्स कालोनी में स्थित मकान में एक परिवार किराये पर रहता है।
आठ अगस्त को दिनेश त्रिपाठी मकान में रुके थे। इस दौरान किरायेदार महिला ने उनपर आरोप लगाया था कि दिनेश ने उनकी बेटी से दुष्कर्म किया। मामले में पुलिस ने दिनेश को जेल भेजा था। पीड़ित परिवार उसी मकान में अभी भी रह रहा है। पीड़िता के पिता की सोमवार सुबह घर पर ही मौत हो गई।
परिजन शव लेकर सरसौल स्थित अपने गांव चले गए। देर रात मामले की खबर हर तरफ फैल गई। एसीपी कैंट मृगांक शेखर पाठक ने बताया कि परिवार से संपर्क किया गया है। शव को वापस लाकर उसका पोस्टमार्टम कराया जाएगा। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में जो तथ्य सामने आएंगे उस आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
बेटे का दावा, शराब के लती थे पिता
मृतक के बेटे ने बताया कि उसके पिता शराब के लती थी। दो तीन दिन से लगातार सुबह से शराब पीने लगते थे। सोमवार सुबह उसकी मां काम पर चली गईं। इस दौरान पिता शराब पीकर कमरे में सो गए। करीब साढ़े ग्यारह बजे जब मां लौटीं और पति को जगाने के लिए पहुंची तो देखा कि उनका शरीर अकड़ा हुआ था। कांशीराम अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने उनको मृत घोषित कर दिया।
केस में था दबाव, कोई साजिश तो नहीं
पुलिस दुष्कर्म मामले में चार्जशीट दाखिल कर चुकी है। चार्जशीट से पहले पीड़िता के पिता ने कोर्ट में अर्जी देकर पीड़िता के दोबारा बयान कराने की मांग की थी। कोर्ट मांग को खारिज कर चुका था। सूत्रों के मुताबिक आरोपी पक्ष के लोग पीड़िता के पिता पर दबाव बना रहे थे।
इसलिए वह दोबारा बयान करवाकर केस कमजोर कराने का प्रयास कर रहे थे। इस वजह से अब पुलिस मामले की जांच करेगी। अगर किसी तरह की कोई साजिश सामने आएगी तो उस पर कार्रवाई करेगी। हालांकि परिजन किसी तरह का कोई आरोप नहीं लगा रहे हैं।