कानपुर में दुष्कर्म आरोपी पूर्व इंस्पेक्टर दिनेश त्रिपाठी पर रिटायर्ड एयरफोर्स कर्मी की बेटी महिमा के अपहरण के आरोप के मामले में बड़ा मोड़ आ गया है। महिमा ने पुलिस को दिये गए बयानों में दावा किया है कि उसका अपहरण ही नहीं हुआ था। फर्जी केस दर्ज कराया गया था। रिटायर्ड एयरफोर्स कर्मी उसके पिता नहीं है। वर्तमान में वह अपने परिवार के साथ रह रही है।
ऐसे में रिटायर्ड एयरफोर्स कर्मी के आरोप झूठ साबित होते नजर आ रहे हैं। पुलिस और गहनता से मामले की जांच कर रही है। फिलहाल मामले की गुत्थी काफी उलझ गई है। जब दिनेश त्रिपाठी दुष्कर्म मामले में जेल गए तो कानपुर देहात निवासी रिटायर्ड एयरफोर्स कर्मी शिव सिंह यादव पुलिस के सामने पेश हुए थे।
उन्होंने दावा किया था कि दिनेश ने झूठे मुकदमों में फंसाकर उनका जीवन बर्बाद कर दिया। उनका मकान कब्जा कर लिया और आठ साल पहले उनकी बेटी महिला का अपहरण कर लिया था। जो आज तक नहीं मिली। कोर्ट के आदेश पर पुलिस ने एफआईआर दर्ज की थी लेकिन उसमें फाइनल रिपोर्ट लगा दी।