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पूर्व इंस्पेक्टर पर दुष्कर्म का आरोप: जांच में नया मोड़, महिमा बोली अपहरण की कहानी झूठी, चौंकाने वाला खुलासा

Mon, 23 Aug 2021 08:59 AM IST
प्रभापुंज मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
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पूर्व इंस्पेक्टर दिनेश त्रिपाठी - फोटो : amar ujala
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कानपुर में दुष्कर्म आरोपी पूर्व इंस्पेक्टर दिनेश त्रिपाठी पर रिटायर्ड एयरफोर्स कर्मी की बेटी महिमा के अपहरण के आरोप के मामले में बड़ा मोड़ आ गया है। महिमा ने पुलिस को दिये गए बयानों में दावा किया है कि उसका अपहरण ही नहीं हुआ था। फर्जी केस दर्ज कराया गया था। रिटायर्ड एयरफोर्स कर्मी उसके पिता नहीं है। वर्तमान में वह अपने परिवार के साथ रह रही है।
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ऐसे में रिटायर्ड एयरफोर्स कर्मी के आरोप झूठ साबित होते नजर आ रहे हैं। पुलिस और गहनता से मामले की जांच कर रही है। फिलहाल मामले की गुत्थी काफी उलझ गई है। जब दिनेश त्रिपाठी दुष्कर्म मामले में जेल गए तो कानपुर देहात निवासी रिटायर्ड एयरफोर्स कर्मी शिव सिंह यादव पुलिस के सामने पेश हुए थे।

उन्होंने दावा किया था कि दिनेश ने झूठे मुकदमों में फंसाकर उनका जीवन बर्बाद कर दिया। उनका मकान कब्जा कर लिया और आठ साल पहले उनकी बेटी महिला का अपहरण कर लिया था। जो आज तक नहीं मिली। कोर्ट के आदेश पर पुलिस ने एफआईआर दर्ज की थी लेकिन उसमें फाइनल रिपोर्ट लगा दी।
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पुलिस कमिश्नर असीम अरुण ने मामले की जांच एसीपी कैंट को सौंपी थी। तफ्तीश के दौरान पुलिस ने महिमा को खोज निकाला। वह औरैया के मुरादगंज इलाके के आना गांव में रेनू यादव के घर पर रह रही है। एसीपी के मुताबिक महिमा का कहना है कि उसकी मां रेनू और पिता दिनेश यादव हैं।

शिव सिंह यादव उसके नाना के दोस्त हैं। जो अपहरण का आरोप लगाया था वह गलत है। जो बयान महिमा ने दिये हैं, यही बयान पुलिस की फाइनल रिपोर्ट में भी हैं। यही नहीं इसी मामले की जांच के दौरान उस वक्त पुलिस ने शिव सिंह यादव की पत्नी के भी बयान लिये थे। जिसमें उन्होंने कहा था कि उनके दो बेटे हैं कोई भी बेटी नहीं है।

एक तरफ से पुलिस की फाइनल रिपोर्ट में जो तथ्य हैं वही जांच में सामने आ रहे हैं। इसलिए शिवा सिंह यादव के आरोपों पर सवाल खड़े हो रहे हैं। पुलिस कमिश्नर असीम अरुण का कहना है कि जांच के दौरान अहम तथ्य सामने आए हैं। इन तथ्यों का सत्यापन किया जा रहा है। जांच पूरी होने के बाद मामला साफ हो पाएगा।
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