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पूर्व एडिशनल कमिश्नर के घर छापे में मिले 10.77 करोड़ रुपये, आयकर विभाग ने की ये कर्रवाई

Tue, 07 Aug 2018 04:40 PM IST
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर

सार

- आयकर विभाग के बेनामी संपत्ति अनुभाग ने दिल्ली ट्रिब्यूनल भेजी रिपोर्ट 
- छापे में मिली रकम का वाजिब हिसाब नहीं दे सके थे केशव लाल 
 
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पूर्व एडिशनल कमिश्नर केशव लाल
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विस्तार
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वाणिज्यकर के पूर्व एडिशनल कमिश्नर केशव लाल के घर छापे में मिले 10 करोड़ 77 लाख रुपये आयकर विभाग के बेनामी संपत्ति अनुभाग ने बेनामी घोषित कर दिए हैं। बेनामी रकम की रिपोर्ट कानपुर आयुक्तालय से दिल्ली ट्रिब्यूनल भेज दी गई है। 
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बेनामी संपत्ति अनुभाग ने गत जून में इस मामले की जांच शुरू की थी। दो माह में केशव लाल और उनकी पत्नी से छह बार पूछताछ की गई। हर बार पूछताछ में केशव लाल ने अलग अलग बयान दर्ज कराए। जुलाई में हुई पूछताछ में उन्होंने यह रकम शहर के दो कारोबारियों की होना बताया था। कहा था कि नोटबंदी के बाद वे उनके घर रख गए थे।

पूर्व एडिशनल कमिश्नर केशव लाल
इस पर आयकर अफसरों ने यह साबित करने का जिम्मा भी केशव लाल को सौंपा था। अगली पेशी में भी वे उन कारोबारियों के नाम नहीं बता सके। अफसरों ने बताया था कि आयकर अधिनियम के नए प्रावधान के तहत किसी शख्स के यहां दूसरे का धन या संपत्ति रखी है तो यह साबित करने का जिम्मा भी संपत्ति रखने वाले का है।

केशव लाल 10 करोड़ 77 लाख रुपये का वाजिब हिसाब नहीं दे सके। इस पर यह रकम बेनामी घोषित कर दी गई। यह मामला अब दिल्ली ट्रिब्यूनल के पास है। माना जा रहा है कि ट्रिब्यूनल एक माह के भीतर इस पर फैसला सुना देगा। यदि ट्रिब्यूनल से राहत न मिली तो केशव लाल को सात साल तक की कैद हो सकती है। 
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पूर्व एडिशनल कमिश्नर केशव लाल
नौ संपत्तियां पहले हो चुकी हैं अटैच
केशव लाल की नोएडा में स्थित सात और लखनऊ में दो संपत्तियों को आयकर विभाग पहले ही अटैच कर चुका है। आयकर में अटैच हुईं इन संपत्तियों का बाजार मूल्य करीब 80 करोड़ रुपये आंका जा रहा है। अब 13 किलो ज्वैलरी मामले की जांच शुरू होगी। 

ये है मामला
आयकर विभाग ने वर्ष 2017 में केशव लाल के प्रतिष्ठानों पर छापा मारकर करीब 100 करोड़ रुपये की अघोषित संपत्ति बरामद की। इसमें 10 करोड़ रुपये नकद, करीब 13 किलो ज्वैलरी और कई राज्यों में 10 से ज्यादा अचल संपतियां शामिल थीं। भ्रष्टाचार के आरोप पर राज्य सरकार ने कुछ माह पहले ही उन्हें अयोग्य करार देते हुए विभाग से जबरन रिटायर्ड कर दिया।
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