वहीं हरिपाल का कहना है कि दो दिन पहले तहसील बीघापुर व पीडब्ल्यूडी के कुछ अधिकारी आए थे। उससे एक कागज पर हस्ताक्षर कराकर 45 हजार रुपये खेतों में मकान बनवाने के लिए दे गए थे। कर्मियों ने ये बात किसी को बताने से मना किया था। हरिपाल का कहना है कि 45 हजार रुपये में तो एक कमरा भी इस महंगाई में बनना मुश्किल है।
ये है पूर्व सीएम का ट्वीट
अखिलेश ने लिखा कि ये है 2022 तक सबको घर देने का झूठा वादा करने वाली भाजपा का सच। आंसुओं का मोल समझने के लिए एक संवेदनशील हृदय चाहिए होता है। जो भाजपा सरकार में नहीं है। कहा कि संस्कृति का झूठा स्वांग रचने वाले जान लें कि हमारी संस्कृति में तो चिड़ियों के घोंसले भी नहीं तोड़े जाते हैं।