दो साल पहले नंदिनी जिसके लिए पिता का घर छोड़कर दिल्ली से पता खोजते हुए राठ आई थी उसी प्रेमी ने मामूली विवाद में जीवन भर के लिए साथ छोड़ दिया। डिप्रेशन में आई नंदिनी पति के अंतिम संस्कार के बाद अपने पिता के साथ दिल्ली चली गई है। नगर के फरसौलियाना मोहल्ला निवासी पूर्व चेयरमैन छविलाल वर्मा के पौत्र रोहित वर्मा (25) की दो साल पहले दिल्ली में पवाना निवासी युवक से दोस्ती हुई।
दोस्त के घर जाने पर उसकी बहन नंदिनी से रोहित को प्यार हो गया। नंदिनी के परिजनों के विरोध करने पर रोहित वापस अपने घर आ गया। करीब एक माह बाद ही नंदिनी ने अपना घर छोड़ दिया और रोहित के घर पहुंच गई। रोहित के परिजनों ने दोनों की मरही माता मंदिर से शादी कराई जिसके बाद दोनों साथ रहने लगे। काम की तलाश में दोनों बेंगलुरु चले गए। दो माह पहले पिता वीरेंद्र वर्मा के निधन पर रोहित घर आया था। एक माह पहले रोहित अपनी पत्नी को जल्द साथ ले जाने का वादा कर वापस काम पर चला गया। उसकी मां ममता भी दिल्ली काम करने चलीं गईं।
चार माह की गर्भवती नंदिनी अपने देवर मोहित (12) व अन्य परिजनों के बीच खुद को अकेला महसूस कर रही थी। रविवार रात रोहित ने वीडियो कॉल करते हुए बेंगलुरु में फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। वहीं नंदिनी ने टॉयलेट क्लीनर पीकर जान देने का प्रयास किया। मंगलवार को कानपुर में इलाज कराने के बाद देर रात वह घर पहुंची। वहीं बुधवार सुबह रोहित का शव घर पहुंचा और मोक्षधाम में अंतिम संस्कार हुआ। यहां नंदिनी के माता, पिता व भाई भी आ गए थे। पति के अंतिम संस्कार के बाद वह अपने मां पिता के साथ दिल्ली चली गई।
उधर, जवान बेटे की मौत के बाद मां ममता के गले से भोजन का निवाला नहीं उतरा है। सात जून को पति वीरेंद्र की मौत का सदमा सहन नहीं कर पाईं थी कि दो जून को बेटे की आत्महत्या की सूचना मिली। छोटा बेटा मोहित (12) अभी पढ़ाई कर रहा है। रोहित ने पूरे परिवार की जिम्मेदारी उठा रखी थी।
उधर, घटना से डिप्रेशन में आई नंदिनी ने बताया कि पति 15 दिन में साथ ले जाने का वादा कर गया था। साथ रहने की बात पर हुए विवाद में उसने वीडियो कॉल पर फंदा लगाया। बताया कि उसने बहुत समझाया पर पति ने एक न सुनी। जिसके बाद उसने भी एसिड पीकर जान देने का प्रयास किया। बताया कि साथ जीने व साथ मरने की कसमें खाईं थीं।