फतेहपुर में अवैध मौरंग खनन की जांच में जुटी सीबीआई के हाथ सिंडीकेट चलाने का एक पत्र लगा है। उस पत्र के जरिए सीबीआई सिंडीकेट का पर्दाफाश कर सकती है। कई जनप्रतिनिधि और खनन कार्यकाल के दौरान 10 साल में तैनात रहे अधिकारियों समेत 60 से 70 जांच के लपेटे में आ सकते हैं।
जनप्रतिनिधियों के गुर्गों के भी पेंच सीबीआई ने कसे हैं। जिसके बाद गुर्गों ने कई अहम साक्ष्य सीबीआई को उपलब्ध कराए हैं। खनन से जुटाई अकूत संपत्ति की रिपोर्ट भी सीबीआई प्रवर्तन निदेशालय को भेजेगी। डाकबंगले में शनिवार को सीबीआई टीम ने कलेक्ट्रेट और खनन विभाग के 2012 से 2017 के बीच तैनात रहे बाबुओं को बुलाया।