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बांदा का पूर्व विधायक और सपा नेता बनाते थे पुलिस पर दबाव, सीबीआई के हाथ लगा एक शिकायत पत्र

Sun, 13 Dec 2020 09:37 AM IST
प्रभापुंज मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, फतेहपुर
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अवैध खनन - फोटो : अमर उजाला
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फतेहपुर में अवैध मौरंग खनन की जांच में जुटी सीबीआई के हाथ सिंडीकेट चलाने का एक पत्र लगा है। उस पत्र के जरिए सीबीआई सिंडीकेट का पर्दाफाश कर सकती है। कई जनप्रतिनिधि और खनन कार्यकाल के दौरान 10 साल में तैनात रहे अधिकारियों समेत 60 से 70 जांच के लपेटे में आ सकते हैं।
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जनप्रतिनिधियों के गुर्गों के भी पेंच सीबीआई ने कसे हैं। जिसके बाद गुर्गों ने कई अहम साक्ष्य सीबीआई को उपलब्ध कराए हैं। खनन से जुटाई अकूत संपत्ति की रिपोर्ट भी सीबीआई प्रवर्तन निदेशालय को भेजेगी। डाकबंगले में शनिवार को सीबीआई टीम ने कलेक्ट्रेट और खनन विभाग के 2012 से 2017 के बीच तैनात रहे बाबुओं को बुलाया।

 
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उनसे बारी-बारी से लंबी पूछताछ की। कुछ बाबुओं के जवाब असंतुष्ट होने पर टीम ने उन्हें फटकार भी लगाई। सीबीआई को छह दिन की जांच में कई अहम सुराग हाथ लगे हैं। एक पत्र टीम के हाथ लगा है। 2016 में बांदा एसपी के पद पर तैनात रहे आरके पांडेय ने पत्र डीएम को भेजा था।

पत्र में स्पष्ट किया है कि बांदा के एक पूर्व विधायक और सपा नेता अधिकारियों पर दबाव बनाते हैं। इनका अवैध मौरंग खनन का सिंडीकेट है। ओवरलोडिंग और अवैध मौरंग खनन करते हैं। यह पत्र भी सिंडीकेट की पुष्टि का बड़ा साक्ष्य माना जा रहा है।

इनके अलावा बांदा के दो वर्तमान विधायक, एक विधायक का चेचेरा भाई, बाराबंकी का मौरंग माफिया, जिले के एक पूर्व सांसद, दो पूर्व ब्लाक प्रमुख, एक कद्दावर नेता समेत 15 से 20 सफेद पोश जांच में फंसे हैं। अवैध खनन के दौरान जिले में तैनात रहे करीब 20 अधिकारी समेत 60 से 70 लोग शामिल हो सकते हैं। टीम ने बड़े चेहरों को बेनकाब करने के लिए उनके गुर्गों से लंबी पूछताछ की है। गुर्गें सिंडीकेट का पूरा कामकाज देेखते थे।
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