सोशल साइट पर दोस्ती करना मैनेजर साहब को महंगा पड़ गया। उनको क्या पता था जिसकी ओर उन्होने दोस्ती का हाथ बढ़ाया है वो उसके साथ मखौल बना रही है। मैनेजर साहब इंग्लैंड की गोरी मेम के झांसे में आकर उसका शिकार बन गए। जानें क्या है पूरा मामला...
दोनों के बीच चैटिंग होने लगी
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कानपुर नगर के शिवराजपुर निवासी विमलेश तिवारी श्रीराम फाइनेंस सिटी मकरंदनगर में ब्रांच मैनेजर के पद पर तैनात थे। हाल में उनकी कानपुर देहात की श्रीराम फाइनेंस आफिस में तैनाती हुई है। करीब दो माह पहले कन्नौज ब्रांच में तैनाती के दौरान फेसबुक पर इंग्लैंड की जेसोफिन नाम की युवती से विमलेश तिवारी की दोस्ती हो गई थी। दोनों के बीच चैटिंग होने लगी।
साझेदारी के लालच में आकर दिल्ली एयरपोर्ट पर मिलने पहुंच गया
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10 नवंबर को जेसोफिन ने ब्रांच मैनेजर से भारत में साड़ियों के व्यापार का हवाला दिया। इसी सिलसिले में उससे मोबाइल से बात शुरू करते हुए 14 नवंबर को दिल्ली एयरपोर्ट में मिलने को कहा। साड़ियों के व्यापारी में साझेदारी के लालच में आकर ब्रांच मैनेजर 14 नवंबर को दिल्ली एयरपोर्ट पर मिलने पहुंच गया।
मोबाइल नंबर बंद मिले तब ठगी का एहसास हुआ
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यहां युवती ने स्वयं को कस्टम अधिकारी द्वारा पकड़ने की बात कहते हुए जुर्माना भरने के लिए और अन्य काम के नाम पर बुद्धदेवदास नाम के एक खाते में 72 हजार सात सौ रुपये डलवा लिए।
इसके बाद युवती ने ब्रांच मैनेजर से कहा कि वह जल्द उसके खाते में 23 लाख रुपये डाल देगी। सप्ताह बाद जब ब्रांच मैनेजर को सभी मोबाइल नंबर बंद मिले तब उसे अपने साथ हुई ठगी का एहसास हुआ। पीड़ित ब्रांच मैनेजर ने कन्नौज सदर कोतवाली में बुद्धदेव नामक खाते के आधार पर मुकदमा दर्ज कराया है। सदर कोतवाल एके सिंह ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है। जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी।