कानपुर। हरकोर्ट बटलर टेक्निकल यूनिवर्सिटी (एचबीटीयू) में पहली बार विदेशी और एनआरआई छात्र भी पढ़ाई करेंगे। विवि में 2025-26 सत्र से ही कई छात्रों ने अलग-अलग ब्रांच में दाखिला लिया है। तीन विदेशी छात्र घाना और यूएई से आए हैं। चार एनआरआई छात्र घाना, यूके और बैंकॉक के हैं। विवि बनने के बाद यह पहली बार होगा जब विदेशी या एनआरआई छात्र संस्थान में दाखिला लेंगे।
एचबीटीयू में पिछले काफी समय से एनआरआई और विदेशी छात्रों को पढ़ाने के लिए औपचारिकताओं को पूरा किया जा रहा है। ऑल इंडिया काउंसिल फाॅर टेक्निकल एजुकेशन (एआईसीटीई) से अप्रूवल मिलने के बाद विवि ने इस सत्र से एनआरआई और विदेशी छात्रों के लिए दाखिले के द्वार खोल दिए हैं। इससे पहले जब एचबीटीयू संस्थान यानी एचबीटीआई था और एकेटीयू से संबद्ध था, उस दौरान कई विदेशी और एनआरआई छात्र दाखिला लेते थे। विवि बनने के बाद ऐसे छात्रों को पढ़ाने के लिए एआईसीटीई से अप्रूवल की आवश्यकता पड़ती है।
एप्रूवल के बाद कई छात्रों ने दाखिले के लिए आवेदन किया था। मनपसंद ब्रांच न मिलने और दस्तावेज पूरे न होने के चलते कई छात्रों को दाखिला नहीं मिला है। इस बार तीन विदेशी विद्यार्थियों में यूएई की दो छात्राओं ने कंप्यूटर साइंस और इलेक्टि्रकल इंजीनियरिंग में दाखिला लिया है। घाना के एक छात्र ने कंप्यूटर साइंस में दाखिला लिया है। कंप्यूटर साइंस में तीन और आईटी ब्रांच में एक इंजीनियरिंग छात्र ने दाखिला लिया है।
डीन एकेडमिक्स प्रो. ललित कुमार सिंह ने कहा कि विवि बनने के बाद पहली बार संस्थान में विदेशी और एनआरआई छात्रों ने दाखिले लिए हैं। छात्रों का अच्छा रिस्पांस था। दस्तावेज पूरे न होने और तकनीकी दिक्कतों से कुछ छात्रों के दाखिले नहीं हो पाए। मसलन एनआरआई कोटे से एक छात्र ने आवेदन किया, उसके पिता मर्चेंट नेवी में थे लेकिन हाईकमीशन ने उनको एनआरआई नहीं माना। इस वजह से दाखिला नहीं हो पाया।