जबरन धर्म परिवर्तन के मामले में एसआईटी की जांच में नाबालिगकिशोरियों को शिकार बनाने का तथ्य सामने आने के बाद पुलिस जल्द ही कॉलेजों में वर्कशॉप शुरू करने की तैयारी कर रही है। जिसमें किशोरियों को समझाने व उनके झांसे में आने से रोकने के बारे में बताया जाएगा।
एसआईटी ने 14 मामलों की जांच की थी। तीन में फाइनल रिपोर्ट लगाई है। आठ मामलों में पीड़िता किशोरियां निकली हैं। नौबस्ता में आरोपी फतेह खान, आरोपी मोहम्मद वैस, आरोपी शाहरुख, बाबूपुरवा में आरोपी सलमान, चकेरी में आरोपी आदिल खान और कल्याणपुर में आरोपी मोहम्मद शाहरुख ने अपना नाम और धर्म बदलकर किशोरियों को अपने जाल में फंसाया।
मामलों की जांच के दौरान आरोपियों ने पुलिस को बताया कि किशोरियों को जाल में फंसाना बहुत आसान है। उनको छोटे-मोटे गिफ्ट देकर, घुमाने-फिराने व फिल्म दिखाने भर से वह ऐसा मानने लगती हैं कि आप उनके लिए कुछ भी कर सकते हैं।
इस मामले में आईजी रेंज मोहित अग्रवाल ने कहा कि किशोरियां इस तरह के झांसे में न आएं। माता-पिता अपने बच्चों को पूरा समय दें। उन्होंने कहा कि ऐसी घटनाएं न हों, इसके लिए कॉलेजों में वर्कशॉप का आयोजन कराने का प्रयास होगा। बच्चों को यह बताया जाएगा कि कानून इसे लेकर क्या कहता है।