कानपुर चिड़ियाघर में पहली बार बाघ की आंख का आपरेशन हुआ। चार डॉक्टरों की टीम को इस काम में दो घंटे लगे। उनका दावा है कि उसे दिखने लगा है। तीन साल के बाघ अमर की दाहिनी आंख में चोट लगने के कारण लालिमा आ गई थी। मोतियाबिंद भी हो गया था।
उसे एक आंख से दिखना बंद हो गया था। चिड़ियाघर के डॉ. यूसी श्रीवास्तव ने बताया कि तीन-चार दिन पहले वह गर्दन तिरछी कर चलने लगा था। जांच करने पर पता चला कि आंख के स्केरा में चोट की वजह से माड़ा पड़ गया है।