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Kanpur News: सीजन में पहली बार खतरे के निशान से सिर्फ 13 सेमी दूर गंगा

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कानपुर। लगातार बारिश और चार दिन पहले हरिद्वार से छोड़े गए पानी के कारण सोमवार को गंगा के जलस्तर में रिकॉर्ड वृद्धि हुई। इस सीजन में पहली बार बैराज पर गंगा का जलस्तर 114.87 मीटर पर पहुंच गया है। यह खतरे के निशान 115 मीटर से सिर्फ 13 सेंटीमीटर दूर है। जलस्तर बढ़ने से घाटों से सटे बिठूर और कटरी के करीब 12 गांवों और मजरों में पानी घुस गया है। लोग पलायन कर रहे हैं। कटरी की दो हजार बीघा फसल डूब गई है।
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गंगा के जलस्तर में बीते 24 घंटे में ही 14 सेंटीमीटर की बढ़ोतरी हुई है। इसके चलते एक बार फिर बाढ़ से हालात खराब हो गए हैं। ख्योरा कटरी से लेकर बिठूर तक के गंगा से सटे इलाकों में बाढ़ का पानी भर गया है। हालात यह है कि घरों के अंदर तक पानी है। करीब छह ग्रामीणों ने अपने जानवरों व गृहस्थी का जरूरी सामान लेकर गंगा बैराज पर टेंट लगाकर शरण ली है। ख्योरा कटरी के सभी सातों मजरों भगवानदीनपुरवा, भोपालपुरवा, लक्ष्मनपुरवा, गिल्लीपुरवा, बनियापुरवा, दुर्गापुरवा, मक्कपुरवा, बिठूर कटरी के तिसजा, डल्लापुरवा, चिरान, ईश्वरीगंज, हृदयपुर और भारतपुरवा में गलियों तक बाढ़ का पानी घुस गया है। सबसे ज्यादा खराब हालात भगवानदीनपुरवा, भोपालपुरवा, लक्ष्मनपुरवा, दुर्गापुरवा के हैं। यहां चार फीट तक पानी भरा है और घरों के भीतर तक घुस गया है। आवागमन के लिए लोग गलियों से नाव लेकर आ-जा रहे हैं। ग्रामीणों की मांग है कि नावों की संख्या और बढ़नी चाहिए। कई ग्रामीणों ने बाढ़ से बचने के लिए अपनी गृहस्थी घर की दूसरी मंजिल या छत पर रख ली है। लक्ष्मनपुरवा के सरकारी स्कूल और आंगनबाड़ी केंद्र में करीब तीन से चार फीट तक पानी भरा है। सरकारी स्कूलों व आंगनबाड़ी केंद्रों में पानी भरने से इन्हें फिलहाल बंद कर दिया गया है। बाढ़ से करीब 20 हजार की आबादी प्रभावित है।
कटरी बिठूर के तिसजा गांव की गली में तीन से चार फीट लंबा मगरमच्छ दिखने से अफरातफरी मच गई। गांव वालों ने लाठी-डंडों से हमला कर मगरमच्छ को मार डाला। बाद में वन विभाग की टीम शव लेकर चली गई। ग्रामीणों का कहना है कि बाढ़ का पानी बढ़ने से मगरमच्छ सहित विषैले सांपों का खतरा भी बढ़ गया है।
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बाढ़ से ख्योरा व बिठूर कटरी की करीब दो हजार बीघा फसल जलमग्न हो गई है। लौकी, तरोई, भिंडी, बैंगन और बींस की फसल चौपट हो गई है। किसानों को अपनी बर्बाद हुई फसल की चिंता सता रही है।
प्रशासन की ओर से बाढ़ पीड़ितों के लिए बनियापुरवा चौराहे पर बनाई गई बाढ़ चौकी में पका भोजन बांटा गया। पूर्व प्रधान अशोक निषाद और जिला पंचायत सदस्य पति मल्हू निषाद ने करीब 200 बाढ़ पीड़ितों के लिए रात का भोजन बनवाया। बिठूर विधायक अभिजीत सिंह सांगा ने प्रशासनिक अधिकारियों के साथ बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा किया।

गंगा से सटे नवाबगंज के रानीघाट इलाके में पिछले दिनों बाढ़ का पानी आने से कई मकानों में दरारें आ गई थीं। अब फिर बाढ़ का पानी घुस गया है। सोमवार को एक कच्चा मकान ढह गया। परिवार वाले सड़क पर आ गए हैं।
रामगंगा और गर्रा नदी से लगातार बारिश का पानी आने से जलस्तर में बढ़ोतरी हो रही है। हालांकि अब नरौरा से कम पानी छोड़ा जा रहा है लेकिन चार दिन पहले हरिद्वार बैराज से काफी पानी छोड़ा गया था। तीन से चार दिन में स्थिति सामान्य होने की उम्मीद है।
- अजय कुमार, अवर अभियंता, बैराज निर्माण खंड-2

घर के अंदर पानी भर गया है। परिवार के साथ अब शाम तक गंगा बैराज पर टेंट में शरण ली है। अभी जरूरी सामान लाए हैं। सिर्फ एक नाव लक्ष्मनपुरवा व गिल्लीपुरवा के लिए लगाई गई है जो नाकाफी है।
- राजेश निषाद, गिल्लीपुरवा
गांवों की गलियों और घरों में पानी भर गया है। गृहस्थी घर की छत पर रख ली है। मंगलवार को परिवार को सुरक्षित स्थान पर ले जाना पड़ेगा क्योंकि पानी तेजी से बढ़ रहा है।
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- साजन निषाद, लक्ष्मनपुरवा
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