आवेदन के साथ शुल्क भी जमा करना पड़ता था। इसके बाद ही विश्वविद्यालय सेमेस्टर की मार्कशीट में अंक को अपडेट करता था। इस पूरी प्रक्रिया में समय काफी बर्बाद होता था। अब यह प्रक्रिया ऑटोमेशन पर होगी। इसका प्रयोग पहली बार इस सेमेस्टर से किया गया है। सत्र 2023-24 विषम सेमेस्टर की परीक्षा में लगभग 65 हजार छात्र-छात्राओं ने बैक-पेपर दिया था।
अभी तक कई माह तक करना पड़ता था इंतजार
परिणाम के आधार पर सेमेस्टर रिजल्ट में भी संशोधन कर अपडेट कर दिया गया है। इस बार कुल 1.90 लाख परीक्षा परिणाम में अपडेट किया गया है। अभी तक इस प्रक्रिया में जहां छात्रों को चक्कर लगाने के साथ कई-कई माह तक इंतजार करना पड़ता था, वहीं विवि का लंबा स्टॉफ इस कार्य में लगता था।
कार्य मैन्युअल करने में रहती थी त्रुटि की संभावना
अब यह प्रक्रिया आसान व ऑनलाइन होगी। इस प्रक्रिया में त्रुटि की संभावना भी कम है। विवि के कुलपति प्रो. विनय कुमार पाठक ने बताया कि इस पहल से छात्र-छात्राओं को काफी राहत मिलेगी। कार्य मैन्युअल करने में त्रुटि की संभावना भी बनी रहती थी, जिसकी संभावना अब शून्य हो जाएगी। यह व्यवस्था आने वाले सेमेस्टर की परीक्षा परिणामों से लागू कर दी गई है।