गाय के दूध से बनी किरार (फाटा) खाने से गहलो गांव के 31 लोगों की हालत बिगड़ गई। इनमें 7 महिलाएं और 17 बच्चे शामिल हैं। आनन-फानन उन्हें जिला अस्पताल में लाया गया।
एक बच्चे की हालत गंभीर होने के चलते हैलट रेफर किया गया है। जिला अस्पताल के डॉक्टरों ने बताया कि मामला फूड प्वाजनिंग का है।
रूरा थाना क्षेत्र के गहलो गांव में हरिश्चंद्र की गाय ने शुक्रवार की रात एक बछड़ा जन्मा था। रविवार की सुबह उसी के शुरुआती दूध से बनी किरार (फाटा) को परिवार के सभी लोगों ने खाया।
उसके बाद सभी लोग अपने रोजमर्रा के कामों में लग गए। लगभग एक घंटे बाद साढ़े दस बजे के करीब एक-एक कर सभी लोगों को चक्कर और उल्टी आने लगी। यह देखकर गांव में दहशत फैल गई।
काफी देर बाद लोगों जब कई लोगों को लगातार उल्टी आई तो को समझ में आया कि किरार खाने से ऐसा हो रहा है। गांव पहुंची तीन एंबुलेंस से महिलाओं बच्चों समेत 31 लोगों को जिला अस्पताल लाया गया।
बीमार लोगों को बसपा के पूर्व सांसद अनिल शुक्ला वारसी और प्रतिभा शुक्ला वारसी जिला अस्पताल देखने पहुंचे।