रूरा। कुछ दिन मौसम सही रहने के बाद एक बार फिर से छाए कोहरे ने ट्रेनों की चाल बिगाड़ दी है। ट्रेनें घंटों देरी से चल रही हैं। दिल्ली हावड़ा रेल लाइन पर स्थित रूरा स्टेशन पर शुक्रवार सुबह नौ बजे आने वाली फफूंद-कानपुर मेमू ढाई घंटे की देरी से चलकर सुबह 11.30 बजे आई।
ट्रेनों की लेटलतीफी से दैनिक यात्रियों को परेशान होना पड़ा। ट्रेनों के आने की जानकारी के लिए लोग पूछताछ केंद्रों के चक्कर लगाते रहे। कानपुर से इटावा जाने वाली मेमू सुबह सात बजकर 40 मिनट से 40 मिनट की देरी से चलकर सुबह आठ बजकर 20 मिनट पर पहुंची। वहीं दिल्ली से कानपुर जाने वाली ऊंचाहार एक्सप्रेस सुबह चार बजकर 20 मिनट से चार घंटे की देरी से सुबह आठ बजकर 20 मिनट पर आई। इसी तरह फफूंद से कानपुर जाने वाली मेमू सुबह सात बजे से एक घंटे की देरी से चलकर सुबह आठ बजे पहुंची। जबकि टूंडला से कानपुर जाने वाली मेमू सुबह ग्यारह बजे से एक घंटे 20 मिनट की देरी से दोपहर 12 बजकर 20 मिनट पर आई।
भौरा गांव निवासी सत्यपाल सिंह, अमित, सुनीत व तिगाईं गांव निवासी विपिन और धनेश ने बताया कि कानपुर में नौकरी करते हैं। ट्रेन से ही आना जाना होता है लेकिन ट्रेनों के देरी से चलने के कारण कार्यालय पहुंचने में देरी हो जाती है। शुक्रवार को भी कार्यालय पहुंचने में देरी हुई। सर्दी के मौसम में कोहरे के दौरान समस्या का सामना करना पड़ रहा है। प्रयागराज मंडल के जनसंपर्क अधिकारी अमित सिंह ने बताया कि कोहरे के कारण दृश्यता कम होने से लोको पायलट ट्रेनों को धीमी गति से चलाते हैं। यात्रियों की सुरक्षा प्राथमिकता पर होती है। मौसम साफ होते ही समय में सुधार हो जाएगा।