150 मकानों के अंदर घुसा पानी
बाढ़ से सबसे ज्यादा छह गांव प्रभावित हैं। इन गावों में बने घरों के अंदर तीन फुट तक पानी घुस गया है। यहां पर रहना खतरे से खाली नहीं है, लेकिन इसके बावजूद कुछ परिवार गांव में ही रुके हुए हैं। कई परिवार ने अपनी छत पर ही आशियाना बना लिया, तो कई गांव के बाहर जाकर बस गए हैं।
अभी राहत मिलने की उम्मीद नहीं
सिंचाई विभाग के पंप ऑपरेटर उमेश पाल के मुताबिक अभी जलस्तर कम होने की उम्मीद नहीं है। सुबह पानी और बढ़ेगा। स्थिति धीरे-धीरे भयावह होती जा रही है। अगर इसी रफ्तार से पीछे से पानी छोड़ा जाता रहा तो और गांव बाढ़ की चपेट में आ जाएंगे।
प्रशासन की टीम करती रही मदद
बाढ़ प्रभावित ग्रामीणों की मदद करने के लिए प्रशासन की टीम लगाई गई है। तहसीलदार रितेश कुमार की निगरानी में तीन अमीन, दो लेखपाल लगे हैं। लोगों को आवागमन के लिए तीन नाव लगाई गई हैं। इनसे दिनभर लोगों ने सुरक्षित जगह पर अपना सामान पहुंचाया। वहीं काशीराम प्राथमिक विद्यालय में रखे गए 16 परिवारों के सदस्यों को खाने पीने की व्यवस्था आपदा प्रबंधन की टीम कर रही है। साथ ही स्वास्थ्य विभाग की टीम लगी है।