कानपुर देहात। मंगलपुर थाना क्षेत्र के एक गांव में बालिका की हत्या के मामले में एसपी ने दो सीओ के नेतृत्व में पांच टीमें खुलासे के लिए लगाई हैं। महिला थाना प्रभारी व स्वाट टीम को भी लगाया गया है। एएसपी इसकी मानीटरिंग करेंगे, वह टीमों के प्रतिदिन के कार्य की रिपोर्ट एसपी के देंगे।
मंगलपुर में अनुसूचित जाति की बालिका को अगवा कर दुष्कर्म करने तथा हत्या के बाद शव जलाने की सूचना पर पहुंचे एडीजी भानू भास्कर, आईजी मोहित अग्रवाल ने एसपी को जल्द खुलासा करने के निर्देश दिए। एसपी केशव कुमार चौधरी ने बताया कि सिकंदरा व रसूलाबाद सीओ के नेतृत्व में दो टीमों का गठन किया गया है।
मंगलपुर थाने से दो टीमें बनाई गई है। इसमें महिला थाना प्रभारी को भी शामिल किया गया है। पुलिस ऑफिस में तैनात इंस्पेक्टर प्रभात कुमार सिंह को स्वाट टीम के साथ लगाया है। सभी टीमें गांव में डेरा डाले हैं। हर बिंदु की बारीकी से पड़ताल की जा रही है।
अफसरों ने बंद कमरे में बच्चों व पिता से की बात
संदलपुर। बालिका की हत्या के बाद गांव पहुंचे एडीजी व आईजी ने एसपी के साथ मृतका के छोटे भाइयों से बंद कमरे में काफी देर बात की। बालिका के पिता से भी घटना को लेकर शक जाहिर करने के बाबत जानकारी ली। हालांकि पिता ने किसी से भी रंजिश होने से इन्कार किया। पुलिस ने परिवार के करीबी लोगों का भी विवरण जुटाया। वहीं पुलिस गांव के ऐसे लोगों को चिह्नित कर रही है जो आवारागर्दी करने के साथ नशेबाजी करते हैं।
रात दो बजे लाइट जाने के बाद हुई घटना
संदलपुर। बुधवार रात करीब 11 बजे तक बालिका की दादी जागती रहीं। इसके बाद उन्हें नींद आ गई। बालिका के पड़ोसियों ने बताया कि रात में करीब दो बजे घर के पास लगे दस केवीए के ट्रांसफार्मर में किसी ने डंडा मारकर फाल्ट कर दिया। इससे बिजली गुल हो गई।
अंधेरा होने की वजह से लोगों ने ध्यान नहीं दिया। सुबह घटना की जानकारी पर लोगों में इस बात की चर्चा रही कि चारपाई सहित बालिका को उठा ले जाने के लिए आरोपियों ने ट्रांसफार्मर में डंडा मारकर बिजली गुल की। अंधेरा होने पर वह चारपाई समेत बालिका को उठा ले जाने में सफल रहे।
छह संतानों में सबसे बड़ी व होनहार थी बालिका
संदलपुर। छह संतानों में बालिका सबसे बड़ी थी। तीन से लेकर 10 वर्ष तक की उम्र के चार भाई व एक बहन है। छोटी बहन ननिहाल में है। वहीं चार छोटे भाई घर में हैं। रात में दो भाई पास की एक चारपाई पर सो रहे थे जबकि दो दादी के साथ सो रहे थे। बालिका पास में अलग चारपाई पर लेटी थी।
वह गांव के प्राथमिक विद्यालय में कक्षा पांच में पढ़ती थी। उसे प्रोन्नत कर दिया गया है अब वह कक्षा छह में प्रवेश लेती। प्राथमिक विद्यालय के हेडमास्टर ने बताया कि बालिका पढ़ने में होशियार थी। माता पिता के मजदूरी करने जाने पर वह भाई बहन को खाना बनाकर भी खिलाती थी।
बहन का शव देख बिलखते हुए भागा भाई
संदलपुर। बहन के लापता होने पर छोटा भाई सिसकते हुए उसे खोज रहा था। वह जब गांव के अमरूद के बगीचे में पहुंचा तो बहन का अधजला शव पड़ा दिखा। इसके बाद घर जाकर बहन का शव बगीचे में पड़ा होने की जानकारी परिजनों को दी। इससे घर में कोहराम मच गया।
दादी, मां व अन्य भाई बहन बिलखते हुए बगीचे में पहुंचे। वहां शव देख बुरी तरह से बिलखने लगे। उन्हें ढांढस बंधाने की भी हिम्मत कोई नहीं कर पा रहा था। वहां मौजूद हर किसी की आंख में आंसू थे। शव से करीब तीन सौ मीटर दूर चारपाई पड़ी मिली।
पहली पत्नी की बेटी थी मृतका
संदलपुर। बालिका की मां का आठ साल पहले बीमारी के चलते निधन हो गया था। इसके बाद पिता ने साली से ही दूसरी शादी कर ली। पहली पत्नी से एक ही संतान थी, जबकि दूसरी शादी उसे चार बेटे व एक बेटी है। परिवार की माली हालत ठीक न होने पर दंपती मजदूरी करके सभी का भरण पोषण कर रहे हैं। उनके पास मनरेगा जॉब कार्ड भी है।
फूले मिले फेफड़े, गले में मिले नाखूनों के पांच निशान
कानपुर देहात। बालिका के पोस्टमार्टम में मौत का कारण दम घुटना आया है। वहीं गले में नाखूनों के पांच निशान मिले हैं। निशानों को मिटाने के लिए जलाने की कोशिश की गई। फेफड़े फूले मिलने से गला घोंटकर हत्या किए जाने की बात स्पष्ट है। चिकित्सकों के अनुसार दुष्कर्म की बात भी साफ है। विसरा सुरक्षित कर स्लाइड बनाई गई है।
बालिका की हत्या के मामले में वीडियोग्राफी के बीच तीन डाक्टरों के पैनल से पोस्टमार्टम कराया गया। पोस्टमार्टम में बालिका के साथ हुई हैवानियत का खुलासा हुआ। उसके शरीर व चेहरों में कई जगह खरोंच के निशान मिले हैं।
इससे आशंका जताई गई कि वह जान बचाने के लिए विरोध करती रही। वहीं उसके गले में नाखूनों से खरोंच के निशान मिलने पर साफ है उसका गला दबाया गया है। उसके शरीर पर मिट्टी लगी मिली। पहले उसे झाड़ियों में फेंकने और फिर बाहर निकाल कर जलाए जाने की भी आशंका है। उसके सिर में पत्तियां फंसी मिलीं।
आमतौर पर गला घोंटने में गर्दन की हड्डी टूटी मिलती है, लेकिन बालिका की गर्दन की हड्डी टूटी नहीं मिली। विसरा सुरक्षित करने के साथ स्लाइड बनाई गई है। स्लाइड व वस्त्र जांच के लिए लखनऊ लैब भेजे गए हैं। पोस्टमार्टम में दुष्कर्म की पुष्टि हुई है। डाक्टरों की जांच में हत्या के बाद जलाने की बात सामने आई है।
राज्यमंत्री ने पहुंच कर बंधाया ढांढस
संदलपुर। सिकंदरा विधायक व प्रदेश सरकार में इलेक्ट्रानिक एवं सूचना प्रौद्योगिकी राज्यमंत्री अजीत सिंह पाल ने मृतका के घर में पहुंच कर परिवारीजनों को ढांढस बंधाया। उन्होंने परिजनों से घटना के बाबत जानकारी ली। साथ ही दोषियों को कड़ी सजा दिलाने का भरोसा दिया। उन्होंने कहा कि किसी हालत में दोषी बक्से नहीं जाएंगे। जल्द ही आरोपियों को चिह्नित कर गिरफ्तार करने की बात पुलिस से कही।
कड़ी सुरक्षा के बीच सेंगुर नदी में हुआ अंतिम संस्कार
संदलपुर। पोस्टमार्टम होने के बाद गुरुवार शाम शव को घर ले जाया गया। वहां परिजनों ने लोडर से शव नीचे नहीं उतारा। लोडर में ही रखकर परिवार की महिलाओं व अन्य लोगों ने अंतिम दर्शन किए। इसके बाद कड़ी सुरक्षा में पिता व परिवार के अन्य लोग शव लेकर सेंगुर नदी के किनारे गए। वहां अंतिम संस्कार कर दिया गया।
इस दौरान गांव में एसपी केशव कुमार चौधरी, एएसपी घनश्याम चौरसिया, सीओ परशुराम के साथ भारी पुलिस बल मौजूद रहा। शव के साथ घाट तक मंगलपुर, डेरापुर थाना प्रभारी व पुलिस बल गया। गांव में ऐतिहात के तौर पर फोर्स तैनात कर दिया गया है। मंगलपुर इंस्पेक्टर को गांव में ही डेरा डालने को निर्देश दिए गए हैं।