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Corona In Kanpur: कोरोना के पांच नए संक्रमित मिले, चार एक ही परिवार के, आईआईटी वैज्ञानिक ने कहा-चौथी लहर की संभावना नहीं

Mon, 18 Apr 2022 10:06 AM IST
हिमांशु अवस्थी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर

सार

कोरोना के मामले बढ़ने लगे हैं। तीन दिनों में ही एक्टिव केस शून्य से बढ़कर दस हो गए हैं। अचानक केस बढ़ने से हड़कंप मच गया है। 
 
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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कानपुर में कोरोना के पांच और मरीज मिले हैं। एक दिन पहले शनिवार को चार लोगों में कोरोना की पुष्टि हुई थी। तीन दिन में एक्टिव केस शून्य से बढ़कर 10 हो गए हैं। नए मिले पांच संक्रमितों में चार एक ही परिवार के हैं।

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शास्त्रीनगर का यह परिवार नोएडा में रह रहा है। उनके आधार कार्ड पर शास्त्रीनगर का पता है। इसी परिवार का एक सदस्य शनिवार को पॉजिटिव आया था। इसके बाद कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग कराई गई, तो परिवार के चार और लोग संक्रमित मिले। इसके अलावा नेताजीनगर में एक और कोरोना संक्रमित मिला है। नगर के 10 मोहल्लों में कोरोना संक्रमण मौजूद होने की पुष्टि हुई है।
स्वास्थ्य विभाग ने नोएडा, दिल्ली, गाजियाबाद, मुंबई से आने वालों को लेकर चौकसी बढ़ा दी है। दूसरे शहरों में संक्रमण के फैलाव ने गति पकड़ ली है। इससे रैंडम सैंपलिंग बढ़ाने के आदेश दिए गए हैं। बताया जा रहा है कि अभी जो संक्रमित मिल रहे हैं, उनमें डेल्टा का ही संक्रमण पाया जा रहा है। 
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विशेषज्ञों का कहना है कि नगर में सबसे अधिक डेल्टा का संक्रमण है। गर्मी तेज होने के साथ डेल्टा फिर तेजी दिखा रहा है। नगर में अब तक 93446 लोग कोरोना संक्रमित हुए हैं। इनमें 91513 इलाज से ठीक हो गए। रविवार को स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने 3007 कोरोना संदिग्ध लोगों की सैंपलिंग की है। सीएमओ डॉ. नैपाल सिंह का कहना है कि लोग मास्क लगाकर निकलें और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करें।

चौथी लहर की संभावना नहीं 
आईआईटी के वरिष्ठ वैज्ञानिक पद्मश्री प्रो. मणींद्र अग्रवाल ने अपने गणितीय सूत्र मॉडल के आधार पर दावा किया है कि फिलहाल कोरोना की चौथी लहर आने की संभावना नहीं है। उनका कहना है कि वायरस के जो पुराने म्यूटेंट हैं, वही अपना असर दिखा रहे हैं। टीकाकरण और 90 प्रतिशत लोगों में नेचुरल इम्युनिटी विकसित हो चुकी है। इस वजह से पुराना म्यूटेंट ज्यादा असरदार होगा, ऐसी संभावना नहीं नज़र आ रही कमजोर रोग प्रतिरोधक क्षमता वाले लोगों पर इसका प्रभाव ज्यादा नजर आ सकता है। यह जरूर है कि लोग सुरक्षात्मक प्रक्रिया में लापरवाही बरतेंगे तो ये म्यूटेट फिर से अपना असर दिखा सकते हैं। 
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