सावन में इस बार शिव भक्तों को भोलेनाथ को प्रसन्न करने के लिए पांच सोमवार मिलेंगे। सावन 10 जुलाई से शुरू होगा। अंतिम दिन यानि 7 अगस्त को रक्षा बंधन का पर्व होगा। अबकी पांच सोमवार होना ही सावन की खासियत है। ऐसे में भोलेनाथ की आराधना करने के लिए उपवास रखने के ज्यादा मौके मिलेेंगे।
विज्ञापन
2 of 4
शिवपूजा
सावन पर शिवालयों में उमड़ने वाली भक्तों की भीड़ को देखते हुए मंदिरों में तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। बारिश होने से बेलपत्र भी हरेभरे हो गए हैं। पत्तियों की तादात तेजी से बढ़ गई है। शिव पूजन में बेलपत्र का विशेष स्थान है। ऐतिहासिक पांडेश्वरनाथ मंदिर के पुजारी गोपाल शर्मा बताते हैं कि मंदिरों में तैयारियां शुरू हो गई हैं। मंदिर को भव्य तरीके से सजाया जाएगा। पांचवें सोमवार को लोग व्रत रह सकते हैं, लेकिन इस दिन ग्रहण पड़ेगा। इसलिए दोपहर को मंदिर बंद हो जाएगा। जो लोग व्रत रखें वे ग्रहण से पहले या फिर अगले दिन परायण (भोजन ग्रहण कर) व्रत का समापन करें।
विज्ञापन
3 of 4
शिवपूजा
सावन में व्रत और त्योहार
पहला सोमवार 10 जुलाई को।
मंगला गौरी व्रत 18 जुलाई को।
प्रदोष व्रत 21 जुलाई व 5 अगस्त को।
हरियाली तीज 26 जुलाई को।
पुत्रदा एकादशी व्रत 3 अगस्त को
रक्षा बंधन 7 अगस्त को।
बंद हुए मांगलिक कार्य
धार्मिक मान्यता के अनुसार, भगवान विष्णु 4 जुलाई से योग निद्रा में चले गए हैं। अब 21 अक्तूबर को जग के पालनहार दोबारा जग की सुध लेंगे। इस बीच पूरी सृष्टि का संचालन शिव परिवार करता है। चतुर्मास का प्रारंभ बुधवार से शुरू हो गया है। इस महीने सबसे पहले भगवान शिवशंकर का पूजन होता है। बुधवार से मांगलिक कार्य वर्जित हो गए हैं।