कानपुर में क्राइम ब्रांच ने बुधवार को फर्जी जमानतदार के जरिये शातिर अपराधियों की जमानत लेने वाले गिरोह का पर्दाफाश कर पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरोह में मास्टर माइंड अधिवक्ता व उसके दो मुंशी भी शामिल हैं। अन्य दो आरोपी फर्जी जमानतदार हैं।
गिरोह अब तक करीब 100 आरोपियों की जमानत फर्जीवाड़ा कर ले चुका है। पुलिस ने आरोपियों को कोर्ट में पेश किया जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया। डीसीपी क्राइम सलमान ताज पाटिल के मुताबिक ग्वालटोली निवासी अधिवक्ता शील कुमार गुप्ता, रायपुरवा निवासी उसका मुंशी सचिन कुमार सोनकर व कल्याणपुर के संतोष कुमार सिंह के साथ जमानत लेने वाले औरैया निवासी वृंदावन और सुरेंद्र को गिरफ्तार किया गया है।
आरोपी पिछले कई वर्षों से गिरोह बनाकर फर्जी दस्तावेज तैयार करते थे। कोर्ट में सुरेंद्र व वृंदावन को अलग-अलग नाम व पहचान के साथ पेश करते थे और शातिर अपराधियों को जमानत दिलवाते थे। डीसीपी का कहना है कि गिरोह में कई और लोगों के भी शामिल होने की जानकारी मिली है। उन संदिग्धों के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है। साक्ष्यों के आधार पर उन पर भी कार्रवाई की जाएगी।
61 आरोपी जेल जा चुके हैं
कमिश्नरी लागू होने से पहले तत्कालीन एसपी पश्चिम डॉ. अनिल कुमार ने फर्जी जमानतदारों के खेल का पर्दाफाश किया था। कोतवाली में केस दर्ज किया गया था। जिसमें करीब सौ आरोपी नामजद किए गए थे। पुलिस ने 61 आरोपियों को जेल भेजा था। इसी कार्रवाई के तहत इस गिरोह के बारे में क्राइम ब्रांच को इनपुट मिला। जब जांच आगे बढ़ाई तो परतें खुलती गईं और आरोपी धरे गए।
ये हुआ बरामद
आरोपियों के पास से 21 आधार कार्ड, 3 आरसी, तीन वोटर आईडी कार्ड, 2 निवास प्रमाण पत्र, 165 फोटो, छह सील मुहर, 12 लेटर पैड, दो स्टांप, सात जमानत बंधपत्र आदि चीजें बरामद हुईं। इन सभी चीजों का इस्तेमाल कर फर्जी दस्तावेज तैयार किए जाते थे। जिनको कोर्ट में लगाया जाता था। एक-एक जमानतदार 50-50 से अधिक आरोपियों की जमानत ले चुके हैं।