कानपुर। आईआईटी कानपुर के विशेषज्ञ नए स्टार्टअप के साथ मिलकर प्लास्टिक कचरे का खतरा दूर करेंगे। मंगलवार को संस्थान के स्टार्टअप इंक्यूबेशन एंड इनोवेशन सेंटर (एसआईआईसी) की ओर से ‘अद्वया प्लास्टिक सर्कुलरिटी इनोवेशन लांचपैड’ कार्यक्रम शुरू हुआ है, जिसमें पांच स्टार्टअप का चयन हुआ है। यह प्लास्टिक कचरे के प्रबंधन और वैकल्पिक व्यवस्था पर कार्य करेंगे।
शुरुआत एसआईआईसी के प्रोफेसर-इन-चार्ज प्रो. दीपू फिलिप ने की। पीआरआईएफ की वरिष्ठ निदेशक अनंतिका सिंह, विवेक कुमार, कपीश शर्मा और अभिनव रामारिया ने स्टार्टअप्स को प्लास्टिक प्रदूषण की वैश्विक चुनौती और उसके समाधान से जुड़े विभिन्न पहलुओं की जानकारी दी। स्टार्टअप्स में मशलूप, जुविरोन इनोवेशन, स्वच्छ एआई, फ्रुवेटेक और पविंग शामिल हैं। ये आईआईटी की अत्याधुनिक प्रयोगशालाओं में वरिष्ठ वैज्ञानिकों के मार्गदर्शन में अनुसंधान और नवाचार करेंगे। एसआईआईसी तकनीकी सहयोग के साथ उनके उत्पादों को व्यावसायिक स्तर तक पहुंचाने में मदद करेंगे। स्टार्टअप्स को संस्थान से मेंटरशिप मिलेगी, जबकि पेर्नोड रिकार्ड इंडिया फाउंडेशन (पीआरआईएफ) की ओर से वित्तीय सहयोग प्रदान किया जाएगा।