फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

यूपी में फिर मिला ब्लैक फंगस: कानपुर में रोगी हैलट अस्पताल में भर्ती, तीसरी लहर में सामने आया पहला मामला

Tue, 18 Jan 2022 12:20 AM IST
Vikas Kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर

सार


जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. संजय काला ने बताया कि 45 वर्षीय रोगी कैंट क्षेत्र का रहने वाला है। उसे डायबिटीज भी है। रोगी की आंख में तकलीफ है। जांच में यह कोरोना संक्रमित मिला है। 
विज्ञापन
ब्लैक फंगस (सांकेतिक तस्वीर) - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

कोरोना संक्रमित ब्लैक फंगस का पहला रोगी सोमवार को हैलट में भर्ती हुआ है। उसकी एक आंख और नाक में संक्रमण फैला हुआ है। कोरोना की तीसरी लहर में संक्रमण के साथ ब्लैक फंगस का यह पहला रोगी है। वैसे ब्लैक फंगस के इक्का-दुक्का रोगी पूरे साल अस्पताल में आया करते हैं। वर्तमान में कोरोना संक्रमित छह रोगी हैलट और दो कांशीराम में भर्ती हैं।

विज्ञापन


जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. संजय काला ने बताया कि 45 वर्षीय रोगी कैंट क्षेत्र का रहने वाला है। उसे डायबिटीज भी है। रोगी की आंख में तकलीफ है। जांच में यह कोरोना संक्रमित मिला है। माना जा रहा है कि डायबिटीज की वजह से उसे ब्लैक फंगस जल्दी हो गया। रोगी को ब्लैक फंगस वार्ड में भर्ती करके इलाज शुरू कर दिया गया है। अभी हैलट में कोरोना संक्रमित कोई भी मरीज वेंटिलेटर पर नहीं है। दो रोगियों को ऑक्सीजन पर रखा गया है। एक रोगी को हेपेटाइटिस है।

विज्ञापन

संक्रमण का फैलाव एक के बाद दूसरे मोहल्ले को अपनी गिरफ्त में ले रहा
कानपुर में कोरोना संक्रमण का फैलाव एक के बाद दूसरे मोहल्ले को अपनी गिरफ्त में ले रहा है। संक्रमित मरीजों की संख्या बढ़ रही है तो तेजी के साथ स्वस्थ भी हो रहे हैं। आईआईटी, जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज और दूसरे शिक्षण संस्थानों समेत कोरोना का संक्रमण विभिन्न क्षेत्रों में फैलता जा रहा है। यहां लगातार कोरोना संक्रमित मिल रहे हैं।

स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने 7010 कोरोना संदिग्धों की सैंपलिंग की
रविवार को मिले संक्रमित मरीजों में जूनियर डॉक्टर भी शामिल हैं। संक्रमितों में बूढ़े, बड़े, बच्चे और महिलाएं सभी हैं। ज्यादातर का इलाज होम आइसोलेशन में चल रहा है। संक्रमितों को हैलट और मान्यवर कांशीराम अस्पताल में भर्ती भी किया जा रहा है। ज्यादातर मरीजों को ऑक्सीजन की जरूरत नहीं है। स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने 7010 कोरोना संदिग्धों की सैंपलिंग की है। सैंपल आरटीपीसीआर जांच के लिए भेजे गए हैं। साथ ही जो कोरोना पॉजिटिव आए हैं, उनकी जीनोम सीक्वेंसिंग कराई जा रही है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें