योगी सरकार के पहले दिन ये रही हालत
उत्तर प्रदेश में नई सरकार के पहले दिन सरकारी दफ्तरों में अफसरों और बाबुओं का रवैया अलग-अलग देखने को मिला। कई अफसर तो दफ्तर पहुंचने के समय से पहले ही पहुंच गए। 20-25 मिनट तक देर से आने वाले कलक्ट्रेट और विकास भवन के 81 कर्मचारियों से स्पष्टीकरण तलब किया गया है। हालत यह रही कि हर कर्मचारी अपनी सीट पर बैठकर काम निपटाता दिखा। कानपुर के जिलाधिकारी कौशल राज शर्मा, एडीएम सिटी केपी सिंह अन्य अफसरों के साथ कलक्ट्रेट में बैठक में व्यस्त हुए तो एडीएम एलए समीर वर्मा फरियादियों की सुनवाई करते रहे। बहुत दिनों बाद सोमवार को कलक्ट्रेट भरी-भरी दिख रही थी।
सोमवार को कानपुर के जिलाधिकारी ठीक 9:50 बजे अपने दफ्तर पहुंच गए। एडीएम सिटी 9:30 और एडीएम एलए 9:55 बजे अपनी कुर्सी पर बैठ गए थे। एडीएम फाइनेंस संजय चौहान सरकारी काम से सुप्रीम कोर्ट गए थे, लेकिन उनका स्टाफ तय समय 10 बजे पहुंच गए थे। एसीएम 1 और एसीएम 4 सुबह 10 बजे कलक्ट्रेट में पहुंच गए थे। सभी एसीएम नई बिल्डिंग में समय से पहुंचे। ठीक 10:15 बजे एडीएम सिटी ने हाजिरी रजिस्टर मंगाया। तब तक न आने वाले रिकार्ड रूम कीपर जय नारायण दीक्षित, न्यायिक सहायक प्रमोद कुमार, राजस्व सहायक अजीत कुमार, राजनैतिक पेंशन क्लर्क प्रमोद कुमार शुक्ला, लोकल बॉडी क्लर्क महेश त्रिपाठी, फार्म कीपर सुषमा पांडेय, उर्दू अनुवादक मुबारक हुसैन, एसीएम 4 के पेशकार अखिलेश द्विवेदी, नकल नवीस बबिता और सहायक स्वागती विजय गुप्ता के नाम के आगे क्रास लगा दिया। बाद में रजिस्टर में इन लोगों ने हस्ताक्षर करते समय आने का समय लिखा। यह सभी 10:20 से 10:25 बजे के बीच दफ्तर आ गए थे। देर से आने पर इन सभी से स्पष्टीकरण मांगा गया है। वहीं सीडीओ अरुण कुमार ने विकास भवन में दस बजे तक न आने वाले पंचायत अनुभाग के पांच, समाज कल्याण विभाग के आठ, उद्यान विभाग केआठ, ग्रामीण अभियंत्रण विभाग के 11, गन्ना अधिकारी दफ्तर केपांच, सहकारिता विभाग के पांच, कृषि विभाग के चार, अर्थ संख्या अधिकारी दफ्तर का एक, सहायक अभियंता लघु सिंचाई के छह, डीआरडीए के आठ, मनरेगा केचार, नेडा के दो, डीओ पीवीडी एक, डूडा दो, मत्स्य तीन और एकीकृत अनुभाग के एक कर्मचारी से देर से आने पर स्पष्टीकरण मांगा है।