इसमें अन्न प्रणाली के निचले हिस्से में स्थायी रूप से सिकुड़न आ जाती है। इसके बाद आहार नलिका में खाना इकट्ठा होने लगता है। इससे भोजन निगलने में दिक्कत आती है। उल्टी होने लगती है, रात को कफ गिरता है ओर वजन कम होने लगता है। सर्जरी विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. एसपी सिंह ने बताया कि एकैल्शिया कार्डिया किसी भी उम्र में तथा किसी भी व्यक्ति को हो सकता है।
उन्होंने बताया कि आमतौर पर एक व्यक्ति भोजन को निगलता है तो भोजन नलिका के निचले हिस्से में पाया जाने वाला स्फिंगक्टर (मांसपेशी का छल्ला) खुलता है और खाने को पेट में जाने देता है। तंत्रिका कोशिकाएं स्फिंगक्टर की खुलने और बंद होने की प्रक्रिया को नियंत्रित करती हैं। डॉ. एसपी सिंह ने बताया कि एकैल्शिया कार्डिया लाखों में एक व्यक्ति को होता है।
यह एक दुर्लभ बीमारी है। चिकित्सा अधीक्षक डॉ. आदेश कुमार ने बताया कि सर्जरी विभाग नियमित रूप से सामान्य एवं जटिल आपरेशन कर रहा है। वर्तमान में सर्जरी विभाग में अत्याधुनिक तकनीक वाले माइक्रोस्कोप एवं एंडोस्कोप (दूरबीन) से आपरेशन की सुविधा उपलब्ध है।