कानपुर। जूही थाना क्षेत्र के विनोबानगर राखी मंडी में शुक्रवार शाम वेल्डिंग के दौरान बाइक के फाइबर प्लास्टिक के पार्ट्स बनाने वाली दो मंजिला फैक्टरी में भीषण आग लग गई। घनी आबादी के बीच थिनर में आग से तेज धमाके होने लगे। करीब 50 फीट ऊंची लपटों से पूरे इलाके में दहशत फैल गई। आग की चपेट में आने से एक बोरी का गोदाम और एक झोपड़ी भी जलकर राख हो गई। फैक्टरी में काम कर रहे 12 से ज्यादा कर्मचारियों ने भागकर जान बचाई। मौके पर पहुंची दमकल की 12 से ज्यादा गाड़ियों ने करीब चार घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। धुएं के गुबार को लोगों ने 12 किलोमीटर दूर से देखा। फिलहाल घटना में किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई।
किदवईनगर के ब्लॉक निवासी प्रभात उर्फ सनी का जूही विनोबानगर राखी मंडी में फैक्टरी है। फैक्टरी में काम करने वाले कर्मचारी राजू ने पुलिस को बताया कि वह अपने आठ साथियों के साथ नीचे काम कर रहे थे। वहीं, पहली मंजिल में चार कर्मचारी काम कर रहे थे। शुक्रवार करीब 5:30 बजे फैक्टरी की पहली मंजिल पर वेल्डिंग का काम हो रहा था। इस दौरान वेल्डिंग की चिंगारी से आग पास में रखे प्लास्टिक के सामान और थिनर में लग गई। इससे तेज धमाका हुआ और आग फैल गई।
वह लोग शोर मचाते हुए नीचे भागकर आए। यहां भी कर्मचारी बाहर की ओर भागे लेकिन तब तक आग वहां भी पहुंच चुकी थी। देखते ही देखते उनकी आंखों के सामने पूरी फैक्टरी आग की चपेट में आकर जलने लगी। एक के बाद एक धमाके से इलाके के लोगों में दहशत फैल गई। फैक्टरी की साइड की दीवारें ढहने लगीं। इससे आसपास रहने वाले लोग भी मकान छोड़ काफी दूर जाकर खड़े हो गए।
सूचना पर मुख्य अग्निशमन अधिकारी दीपक शर्मा फजलगंज, लाटूश रोड, किदवईनगर, मीरपुर, छावनी, पनकी, जाजमऊ आदि 12 दमकल के साथ मौके पर पहुंचे। चारों ओर से घेरकर पानी की बौछार शुरू करानी शुरू की। फैक्टरी में आग को काबू पाने में करीब चार घंटे का समय लग गया। सीएफओ के अनुसार फिलहाल आग से दो करोड़ के आसपास का नुकसान बताया जा रहा है।
सीएफओ ने बताया कि प्लास्टिक और थिनर जलने से आग ने विकराल रूप ले लिया। झोपड़ी मालिक संजय सरोज ने बताया कि आग की चपेट से पूरी झोपड़ी जल गई। वहां रखा सारा सामान जल गया। इसी तरह वहां पर उनके दोनों भाई थे जिनकी समय रहते जान बचा ली गई। इसी तरह एक युवक के बोरे के गोदाम का पिछला हिस्सा आग की चपेट में आने से जल गया।
अग्निशमन कर्मचारियों के अनुसार सूचना पर तत्काल गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। घनी आबादी के बीच सैकड़ों की संख्या में तमाशबीन बनकर खड़े लोगों की वजह से रेस्क्यू में काफी परेशानी हुई। एक दमकल गाड़ी का पानी खत्म होने के बाद उसके बैक करने और गली से निकलने में वह लोग बाधा बने। किसी तरह किदवईनगर, जूही, बर्रा, गुजैनी, बाबूपुरवा, गोविंदनगर थाने का फोर्स आने पर वह लोग तितर-बितर हुए।
सीएफओ ने बताया कि आग की घटना के बाद तुरंत बिजली आपूर्ति बाधित कर दी गई थी। इस दौरान रात तक विनोबानगर की आपूर्ति सुचारु नहीं की जा सकी। आग बुझने के बाद भी दो मंजिला बिल्डिंग की तपन और धुएं से आसपास रहने वालों को घोर परेशानियां हुईं। वह लोग छत पर पहुंचे और लाइट आने का इन्तजार करते रहे।