जालौन में गुरुवार को पनवेल से गोरखपुर जाने वाली 15066 उरई रेलवे स्टेशन पर हादसे का शिकार होने से बच गई। उरई रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर एक पर खड़ी ट्रेन के एस-2 कोच के पहिये में चिंगारी उठने से हड़कंप मच गया। तत्काल रेलवे स्टाफ व आरपीएफ मौके पर पहुंची। स्टेशन पर मौजूद अग्निशमन यंत्रों की मदद से आग पर काबू पाया गया।
इसके चलते करीब आधा घंटा स्टेशन पर खड़ी रही। ललितपुर में आई बाढ़ के कारण पहले से ही करीब छह घंटे देरी से चल रही पनवल से गोरखपुर जा रही 15066 पनवेल गोरखपुर एक्सप्रेस जैसे ही गुरुवार की रात 8.21 बजे उरई रेलवे स्टेशन पर स्थित जीआरपी थाने के सामने बने ट्रैक पर आकर खड़ी हुई। तभी एस 2 कोच के पहिये से चिंगारी निकलने लगी।
ट्रेन में पहिए में आग देख अंदर बैठे यात्रियों में मच गई खलबली
एस 2 के बाहर खड़े ट्रेन यात्री देवरिया के गौरी बाजार निवासी मुकेश कुमार की नजर पड़ी तो उसने चिल्लाकर जीआरपी थाने पर तैनात सिपाही अजय कुमार को बताया। अजय ने तत्काल ड्यूटी पर तैनात स्टेशन मास्टर एससी अग्रवाल को सूचना दी। इससे हड़कंप मच गया। ड्यूटी पर तैनात प्वाइंट मैन अमरेंद्र सिंह ने तत्काल अग्निशमन यंत्र से आग बुझाई।
स्टेशन मास्टर ने पूरे घटना की सूचना झांसी कंट्रोल रूम को दी। इसके चलते ट्रेन 8.21 बजे से 8.56 मिनट तक खड़ी रही। इसके बाद ट्रेन के गार्ड आईए खान ने अपने सामने ट्रेन को चलवाया। करीब डेढ़ सौ मीटर ट्रेन चलाने के बाद जब सब सामान्य रहा तब ट्रेन को आगे बढ़वाया गया। यहां गौरतलब है कि तीन अगस्त को इसी ट्रेन के बी-वन कोच के शॉकर के बोल्ट खुल गए थे। इससे भी ट्रेन करीब एक घंटा तक खड़ी रही थी।
दिखा पानी का असर, विलंब से आई ट्रेनें
ललितपुर के धौर्रा स्टेशन पर रेलवे ट्रैक पर आए पानी का असर उरई के ट्रेन संचालन पर भी पड़ा। झांसी कानपुर रूट की पनवेल से गोरखपुर जाने वाली 15066 छह घंटे देरी, मुंबई से चलकर छपरा जाने वाली अंत्योदय एक्सप्रेस 12598 दस घंटा देरी, अहमदाबाद से दरभंगा जाने वाली साबरमती 19165 तीन घंटा, मुंबई से गोरखपुर जाने वाली कुशीनगर 11015 एक्सप्रेस ढाई घंटा देरी से, 12943 उद्योगकर्मी बलसाड से कानपुर जाने वाली सात घंटे देरी से आई।