बाबूराम ने आग लगने की सूचना फैक्टरी मालिक पारस गुप्ता और फायर ब्रिगेड के कंट्रोल रूम के साथ पड़ोसियों को दी। देखते ही देखते केमिकल के ड्रमों में लगी आग ने पूरी फैक्टरी को अपने चपेट में ले लिया। इतना ही नहीं विकराल रूप से धधकी फैक्टरी की आग ने ठीक बगल में मौजूद अजय अरोड़ा की प्रेम इंटरप्राइजेज को भी अपने चपेट में ले लिया। सूचना पर फजलगंज फायर स्टेशन की गाड़ियां मौके पर पहुंची।
एक दर्जन गाड़ियों ने छह घंटे में आग पर काबू पाया
हालांकि आग की भयावहता देख अफसरों के भी हाथ-पांव फूल गए। मौके पर पनकी, लाटूश रोड और कर्नलगंज से फायर ब्रिग्रेड की एक दर्जन गाड़ियों ने छह घंटे की कड़ी मशक्कत से आग पर काबू पाया। वहीं, आग की चपेट में आने से पारस गुप्ता की पूरी फैक्टरी जलकर खाक हो गई। जबकि प्रेम इंटरप्राइजेज को फायर ब्रिगेड ने पूरी तरह जलने से बचा लिया। पुलिस घटना की जांच करने में जुटी है।
समय रहते आग बुझाने से कई फैक्टरियां बचीं
सीएफओ दीपक शर्मा ने बताया कि फायर ब्रिगेड की एक दर्जन गाड़ियों ने छह घंटे की कड़ी मशक्कत से आग पर काबू पाया। आग की विकरालता को देख पीछे की फैक्टरी से आग को काबू किया गया। तब जाकर कई घंटे की मशक्कत से आग को नियंत्रित किया जा सका। अगर चारों तरफ से पानी नहीं डाला जाता, तो समय रहते आग बुझाना मुश्किल होता और आसपास की फैक्टरियां भी आग की चपेट में आ जाती।