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Kanpur: मर्केंटाइल बिल्डिंग में लगी भीषण आग, शॉर्ट सर्किट से हुआ हादसा, चार झुलसे...250 मजदूर बाल-बाल बचे

Tue, 12 Sep 2023 08:31 AM IST
हिमांशु अवस्थी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर

सार

Kanpur Fire: इसी बिल्डिंग में द बुक स्टोर के नाम से दुकान व गोदाम का संचालन करने वाले सुभाष मिश्रा ने बताया कि आग लगने का कारण आए दिन मजदूरों के बीच होने वाली लड़ाई झगड़ा है। उन्होंने बताया कि सोमवार की रात को भी तीसरी मंजिल में रहने वाले मजदूरों में झगड़ा हुआ था।
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कानपुर में अग्निकांड - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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कानपुर में कोतवाली थाना क्षेत्र के किताब मार्केट के पास मर्केंटाइल बिल्डिंग की तीसरी मंजिल में स्थित कपड़ों के गोदाम में सोमवार देर रात शॉर्ट सर्किट से भीषण आग लग गई। आग ने कुछ ही देर में चौथी मंजिल में स्थित गोदामों को चपेट में ले लिया। इन गोदामों के बीच में खाली कमरों में रहने वाले मेट्रो निर्माण में लगे 250 मजदूरों ने किसी तरह भाग कर अपनी जान बचाई।

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इस दौरान चार मजदूर आग की चपेट में आकर झुलस गए। सूचना पर पहुंची फायर ब्रिगेड की 12 गाड़ियों ने ढाई घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। आग से हुए नुकसान का आकलन नहीं लगाया जा सका है। उर्सला अस्पताल के पीछे स्थित पांच मंजिला इमारत को मर्केंटाइल बिल्डिंग के नाम से जाना जाता है। इस किताब मार्केट के पास स्थित इस कॉमर्शियल भवन के ग्राउंड फ्लोर पर दुकानें व गोदाम हैं।

आग की लपटें निकलती देख मजदूरों में मची चीख पुकार
दूसरे, तीसरे, चौथे और पांचवीं मंजिल पर व्यापारियों ने कपड़ों, कॉपी किताबों, प्लास्टिक के सामान के गोदाम व कारखाने बना रखे हैं। तीसरी और चौथी मंजिल पर मेट्रो निर्माण में लगे मजदूर भी रहते हैं। मजदूरों ने बताया कि देर रात करीब 11 बजे तीसरी मंजिल पर स्थित कपड़े के एक गोदाम से धुआं और आग की लपटें निकलती देख मजदूरों में चीख पुकार मच गई।

आग से चार मजदूर झुलसे
तभी आग की लपटों ने पूरे गोदाम को चपेट में ले लिया।  वहीं, पास ही स्थित अन्य गोदाम भी चपेट में आने लगे। आग चौथी मंजिल पर स्थित गोदामों तक भी पहुंच गई। मजदूरों ने किसी तरह से भागकर अपनी जान बचाई। आग से चार मजदूरों में सर्वेश कुमार, सर्वेश गुप्ता, दिनेश कुमार और नरेंद्र कुमार झुलस गए, जिन्हें अग्निशमन कर्मियों ने उर्सला अस्पताल में भर्ती कराया।

12 गाड़ियों ने आग पर पाया काबू
सीएफओ दीपक शर्मा ने बताया कि किताब मार्केट के पास स्थित कॉमर्शियल भवन में शॉर्ट सर्किट से आग की सूचना पर पहुंचीं अग्निशमन की 12 गाड़ियों ने आग पर काबू पाया है। कपड़ों के गोदाम किसके हैं, पता नहीं चल सका है। समय रहते आग पर काबू न पाया जाता, तो पूरा संवेनशील इलाका आग की चपेट में आ जाता है। कारणों की जांच चल रही है।

बिल्डिंग में भरा धुंआ, अंदाजे से भागे मजदूर, जान बचान के लिए किया कूदने का प्रयास
आग लगने की खबर से बिल्डिंग में रहने वाले मजदूरों में अफरा तफरी मच गई। सभी अपनी जान बचाने के लिए सीढि़यों की तरफ भागने लगे, लेकिन बिल्डिंग में अंधेरा और धुंआ भर जाने के कारण लोग अंदाजे से एक दूसरे से टकराते हुए गिरते पड़ते किसी तरह बाहर निकले। वहीं, कुछ मजदूर जान बचाने के लिए बिल्डिंग की छत से बाहर की तरफ लटक गए। पांचवीं मंजिल पर रहने वाले मजदूर भी घबराकर आसपास के भवनों की छत पर कूद गए और किसी तरह नीचे उतरे। तीसरी और चौथी मंजिल के मजदूरों ने छत से नीचे कूदने का प्रयास किया, जिन्हें बाहर खड़ी भीड़ ने रोककर अग्निशमन की मदद से नीचे उतरवाया।

रुपयों के लालच में कॉमर्शियल भवन को बना दिया मौत का कुआं
मर्केंटाइल बिल्डिंग पूरी तरह से मौत का कुआं बन चुकी थी। बिल्डिंग में करीब 24 से अधिक दुकानें, गोदाम व कारखाने स्थित हैं। पांच मंजिला इस इमारत में जिन बड़े कमरों को गोदाम, कारखाने के लिए किराये पर नहीं उठाया जा सका, उसे मेट्रो में काम करने वाले मजदूरों को अग्नि से बिना किसी सुरक्षा व्यवस्था के किराये पर दे दिया गया। आसपास के रहने वाले लोगों ने बताया कि भवन का मालिक सुधीर मेहरा ने भवन में किराये के लालच में बड़ी संख्या में मजदूरों को रखा था। ये मजदूर इसी बिल्डिंग में गैस सिलिंडर, चूल्हों की मदद से खाना भी बनाते हैं, जिससे आग लगने की आशंका हर वक्त बनी रहती थी।

एक्सपायर हो चुके थे अग्निशमन यंत्रों दिया दगा
बिल्डिंग के ग्राउंड फ्लोर पर मालिक ने अग्नि सुरक्षा मानकों के तहत कुछ अग्निशमन यंत्र दीवारों पर लगवा रखे थे। आग की सूचना पर दमकल के पहुंचने से पहले आसपास के लोगों ने आग पर काबू पाने का प्रयास किया। लोगों ने बिल्डिंग में ही लगे मिनी अग्निशमन यंत्रों की मदद से आग बुझाने का प्रयास किया, लेकिन सभी यंत्र एक्सपायर हो चुके थे, जिन्होंने ऐन मौके पर दगा दे दिया। इसके बाद लोगों ने मजदूरों को बाहर निकलने के लिए शोर मचाकर उनकी जान बचाने का प्रयास शुरू किया।
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मजदूरों की आपस की लड़ाई तो नहीं बनी आग का कारण
इसी बिल्डिंग में द बुक स्टोर के नाम से दुकान व गोदाम का संचालन करने वाले सुभाष मिश्रा ने बताया कि आग लगने का कारण आए दिन मजदूरों के बीच होने वाली लड़ाई झगड़ा है। उन्होंने बताया कि सोमवार की रात को भी तीसरी मंजिल में रहने वाले मजदूरों में झगड़ा हुआ था। मजदूरों ने एक दूसरे पर छोटे वाले सिलिंडर फेंक कर मारे। इसी दौरान एक सिलिंडर में हुए विस्फोट से आग लगी थी। हालांकि, सीएफओ दीपक शर्मा ने प्रथम दृष्टया जांच में शॉर्ट सर्किट को ही आग की वजह बताया है।
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