वहीं, पास में जल रहे दीपक से आग पकड़ ली। परिजनों ने लीकेज सिलिंडर को सड़क किनारे नाली में फेंक दिया। आसपास फैली गैस के आग पकड़ने पर आनंद कुमार (65), ओमकार (11), प्रकाशचंद्र (60), आयुष (15), अर्पित (20), जगतनारायण (50), राजदीप (25), उर्मिला (57), वीर (30), प्रीती (38) व श्यामबिहारी (55) झुलस गए।
सभी को सीएचसी में भर्ती कराया गया। डॉ. अखिलेश कुमार सिंह ने ओमकार, प्रकाशचंद्र, आयुष व फूलादेवी को मेडिकल कालेज सैफई रेफर किया। वहीं गैस एजेंसी के कर्मचारियों, कोतवाली पुलिस व फायर ब्रिगेड टीम ने सिलिंडर को नाली से निकाल जांच पड़ताल की।
डेढ़ माह पूर्व झुलस चुके हैं 22 लोग
लींगा गांव में अर्जुन अहिरवार के यहां 14 दिसंबर को शादी के भोज के दौरान खाना बनाते समय गैस सिलेंडर के रिसाव से आग लग गई थी। इसमें 7 बच्चों सहित 22 लोग झुलस गए थे। आठ लोगों को गंभीर हालत में मेडिकल कालेज उरई रेफर किया गया था। डेढ़ माह में गैस सिलिंडर के रिसाव से लोगों के झुलसने की यह दूसरी घटना है।