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फर्रुखाबाद: पैसेंजर ट्रेन के एक डिब्बे में लगी आग, लपटें देख मची भगदड़, तीन घंटे बाद पाया गया काबू

Mon, 27 Dec 2021 12:51 AM IST
शिखा पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, फर्रुखाबाद

सार

कासगंज से रविवार देर रात करीब तीन बजे फर्रुखाबाद आ रही पैसेंजर ट्रेन में फर्रुखाबाद रेलवे स्टेशन से चार किलोमीटर पहले हथियापुर गांव के पास कासगंज-फर्रुखाबाद पैसेंजर ट्रेन में आग लग गई।
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पैसेंजर ट्रेन के एक डिब्बे में लगी आग - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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फर्रुखाबाद जिले के कासगंज से पैसेंजर ट्रेन के एक डिब्बे में रविवार रात करीब 11:45 बजे हरसिंहपुर गोवा हॉल्ट से निकलते ही आग लग गई। गार्ड को जानकारी होने पर ट्रेन को हथियापुर रेलवे क्रासिंग के पास रोक दिया गया। ट्रेन के इंजन से पीछे तीसरे डिब्बे को आनन-फानन अलग किया गया है। आग देख उसमें बैठे यात्री कूदने लगे। कुछ यात्रियों के घायल होने की सूचना है।
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आरपीएफ इस्पेक्टर वीरेंद्र कुमार ने बताया कि आग पर कड़ी मशक्कत के बाद काबू पाया गया। रात 1.42 बजे ट्रेन दो डिब्बे लेकर ट्रेन फर्रुखाबाद स्टेशन की ओर रवाना हो गई। उसी समय कासगंज से आई रिलीफ ट्रेन पीछे के 9 डिब्बो को लेकर कासगंज की ओर रवाना हो गई। दुर्घटना स्थल पर जली हालत में खड़े डिब्बे को पौने 3 बजे फर्रुखाबाद स्टेशन से पहुंचा इंजन ले गया। जले डिब्बे को यार्ड में खड़ा कर दिया गया है। इसके बाद लाइन क्लियर कर दी गई। डिब्बे में आग लगने के कारणों की जांच करने इज्जतनगर से दोपहर में रेल अधिकारियों की टीम पहुंचेगी।

कासगंज से रविवार देर रात करीब तीन बजे फर्रुखाबाद आ रही पैसेंजर ट्रेन में फर्रुखाबाद रेलवे स्टेशन से चार किलोमीटर पहले हथियापुर गांव के पास कासगंज-फर्रुखाबाद पैसेंजर ट्रेन में आग लग गई। यात्रियों के शोर मचाने पर लोको पायलट ने सूझबूझ दिखाकर गांव के पास क्रासिंग से पहले ही ट्रेन रोकी। आग आगे न बढ़े इसके लिए लोको पायलट ने ग्रामीणों और यात्रियों की मदद से लपटों से घिरी बोगी को अलग कराया और कंट्रोल रूम को सूचना दी। 
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इसके बाद दमकल की दो गाड़ियों ने पहुंचकर आग बुझाने के प्रयास शुरू किए। एसपी अशोक कुमार मीणा के मुताबिक कोई हताहत नहीं हुआ है। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक दूसरी बोगियों से कुछ यात्री कूदे थे। आग लगने के कारणों का पता नहीं चल पाया है। ट्रेन में सवार यात्री ने बताया कि ट्रेन काफी देरी से चल रही थी। शमसाबाद से निकलने के बाद ट्रेन की बोगियों में धुआं आना शुरू हो गया था।

पहले तो कुछ समझ में न आने से नजरंदाज करते रहे। जब सांस लेने में परेशानी होने लगी तो खिड़की और दरवाजे खोलकर देखा। इंजन के पीछे तीसरी बोगी से आग की लपटें निकल रही थीं। इस पर सवारियों ने शोर मचाना शुरू किया। इधर बर्निंग ट्रेन बनकर ट्रैक पर दौड़ रही ट्रेन देख लिए ग्रामीण भी निकल आए। लोको पायलट ने भीड़ दौड़ती देखकर गाड़ी रोकी तो उन्हें आग की लपटें नजर आईं। जिस पर उन्होंने ट्रेन रोकने के बाद ग्रामीणों की मदद से फर्रुखाबाद की ओर इंजन और दो बोगियों को काटा गया।
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