कानपुर। बर्रा थाने के हिस्ट्रीशीटर अजय ठाकुर पर बृहस्पतिवार को 25 अक्तूबर को हुई मारपीट और उपद्रव के मामले में एक और प्राथमिकी दर्ज हो गई। इस तरह उस पर 35 मामले दर्ज हो चुके हैं। इसमें अजय ठाकुर के साथ ही उसके गुर्गे साहिल उर्फ शेरा और अंकुश नागर पर हत्या के प्रयास, दंगा भड़काने, संपत्ति को नुकसान पहुंचाने और धमकाने की धारा में प्राथमिकी दर्ज की गई है। आरोपी दो दिन पूर्व रंगदारी मांगने के मामले में जेल भेजा जा चुका है।
उस्मानपुर के नटवनटोला कच्ची बस्ती निवासी गया प्रसाद ने प्राथमिकी दर्ज कराई है। बताया कि वह अपनी रिश्तेदार सुमन देवी की ऑटो चलाते हैं। बीते 25 अक्तूबर की रात करीब साढ़े आठ बजे एक काले रंग की स्कॉर्पियो गाड़ी के अंदर चार-पांच युवक उत्पात मचा रहे थे। लोगों ने मना किया तो उनसे गाली गलौज करने लगे। ऑटो से उतर कर लड़कों को समझाने गए तो ड्राइविंग सीट पर बैठा युवक उतरा और धमकाते हुए कि मेरा नाम अजय ठाकुर है, तू मुझे रोकेगा। इसके बाद गाड़ी की सीट के नीचे रखे तमंचे से फायर कर दिया। किसी तरह अपनी जान बचाई। आरोप है कि ऑटो लेकर भागा तो अजय ठाकुर ने स्कॉर्पियो स्टार्ट कर जोरदार टक्कर मार दी। गाड़ी 20 मीटर तक घिसटती चली गई। किसी तरह ऑटो से कूदकर जान बचाई।
शोर-गुल सुन बस्ती के लोग जुटे तो अजय के साथी गाड़ी से उतर कर लोगों के साथ मारपीट करने लगे। भीड़ ने दोनों को पकड़ा तो उन्होंने अपनी पहचान साहिल उर्फ शेरा और अंकुश नागर बताई।
डीसीपी साउथ दीपेंद्र नाथ चौधरी ने बताया कि गैंगस्टर व उसके दो गुर्गों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है।
गया प्रसाद के मुताबिक, अजय ठाकुर के स्कॉर्पियो से टक्कर मारने से ऑटो पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई थी। बदमाशी के कई वीडियो सोशल मीडिया में देख और अखबारों में उसके कारनामे पढ़ कर सहम गया था। यही कारण रहा कि उसके खिलाफ शिकायत करने तक की हिम्मत नहीं जुटा सका। जब पता चला कि उसे जेल भेजा गया है। इसके बाद थाने में तहरीर दी।