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Kanpur: लेनदेन के विवाद में पीटकर चैंबर में बंधक बनाने का आरोप, 18 पर प्राथमिकी

Thu, 27 Aug 2026 12:14 AM IST
Shikha Pandey न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला
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कोतवाली थाने में कचहरी के अधिवक्ता शशांक तिवारी ने पांच लाख रुपये के लेनदेन के विवाद में 18 लोगों पर उन्हें, उनके माता-पिता के साथ चैंबर में बंधक बनाकर पीटने का आरोप लगाया। पीड़ित अधिवक्ता की तहरीर पर पुलिस ने पांच अधिवक्ता समेत छह नामजद व 12 अज्ञात लोगों पर प्राथमिकी दर्ज की है। वकीलों पर उन्हें कचहरी परिसर में भी पीटने का आरोप है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
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शशांक ने पुलिस को बताया कि वह पेशे से अधिवक्ता हैं। बीती 19 अगस्त की दोपहर 12 बजे रजिस्ट्री गेट पर टाइपिंग करा रहे थे। तभी अधिवक्ता पंकज ठाकुर, रोहित सोनकर, आशीष पांडेय, अभिषेक शुक्ला उर्फ नवीन अपने अन्य साथियों के साथ वहां आए। गालीगलौज करते हुए पीटने लगे। सभी बकाया रुपये देने की बात कहने लगे। पीटते हुए नवीन शुक्ला के चैंबर में ले गए। वहां अजय अग्निहोत्री व चार-पांच अन्य अधिवक्ता भी आ गए।

आरोप है कि दबाव बनाकर माता-पिता को चैंबर में बुलाया गया। उनके पहुंचने पर तीन घंटे तक बंधक बनाकर रखा गया। आशीष पांडेय ने पिता से जबरन पांच लाख रुपये लेने का कबूलनामा करवाया। इसकी सभी ने मोबाइल से रिकॉर्डिंग भी की। मारपीट और बंधक बनाने की शिकायत करने पर झूठे एससी-एसटी और रेप के मुकदमे में फंसाने की धमकी दी।
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शशांक ने बताया किसी तरह वह माता-पिता के साथ बाहर निकले। पुलिस कंट्रोल रूम पर सूचना दी। कोतवाली इंस्पेक्टर अरुण द्विवेदी ने बताया कि शशांक की तहरीर पर छह नामजद व अन्य अज्ञात पर बंधक बनाने, मारपीट करने, धमकाने समेत अन्य धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की गई है। वहीं, अधिवक्ता अजय अग्निहोत्री ने बताया कि शशांक प्रॉपर्टी का काम भी करता है। उसने कई अधिवक्ताओं से मुनाफे का लालच देकर लाखों रुपये लिए हैं जो अब वह लौटना नहीं चाहता। उन्होंने आरोपों को निराधार बताया है।
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