आईआईटी के ओपेन एयर थियेटर में यूएफओ डिजिटल सिनेमा सिस्टम लगाया जाएगा, फिर रिलीज होने वाली बालीवुड और हालीवुड की नई-नई फिल्में सेटेलाइट के जरिए दिखाई जाएंगी। इस पर सीनेट की मुहर लग गई है। अब जिमखाना (स्टूडेंट बॉडी) की फिल्म्स एंड मीडिया काउंसिल ने स्टूडेंटों से फीडबैक मांगा है। इस तकनीक से आईआईटी रुड़की और गुवाहाटी में फिल्म दिखाई जा रही है। अब आईआईटी कानपुर आगे आया है।
आईआईटी में बीटेक, एमटेक, एमएससी, एमडैस, एमबीए और पीएचडी स्कॉलर सहित तमाम कोर्स के 6300 स्टूडेंट पढ़ते हैं। इन सबकी कल्चरल एक्टिविटी ओपेन एयर थियेटर में होती है, जिसे अब मनोरंजन का केंद्र बनाने का फैसला कर लिया गया। फिल्म्स एंड मीडिया काउंसिल के जनरल सेक्रेटरी प्रतीक मिश्रा ने बताया कि यूएफओ डिजिटल सिनेमा सिस्टम से साल में 13 फिल्में दिखाने की योजना है।
बालीवुड की जो भी फिल्में रिलीज होंगी, उन्हें सेटेलाइट के माध्यम से ओपेन एयर थियेटर में दिखाया जाएगा। स्टूडेेंटों की पसंद वाली हालीवुड फिल्में दिखाई जा सकती हैं। इसकी व्यवस्था इंस्टालेशन के समय ही सुनिश्चित की जाएगी। अभी स्टूडेंट रेव मोती, रेव थ्री या फिर जेड स्क्वायर फिल्म देखने जाते हैं। वहां जाने, फिर आने का किराया लगता है। फिल्म का टिकट भी महंगा मिलता है। नई व्यवस्था से यह समस्या समाप्त हो जाएगी। हर छह महीने (एक सेमेस्टर) में 50 रुपये देकर नई फिल्में देखी जा सकेंगी।