सवारियों से भरी बस में ट्रक ने मारी टक्कर के बाद लगी भीषण आग
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दिल्ली-कानपुर जीटी रोड पर घिलोई के पास आमने-सामने भिड़ंत के बाद ट्रक और स्लीपर बस में आग लग जाने से दोनों ही वाहन धू-धूकर जल उठे। बस में 45 यात्री थे। इसमें से 21 को अस्पताल पहुंचाया गया। प्रशासनिक सूत्रों के मुताबिक 20 लोगों के जलकर मरने की आशंका है। बस में 45 से अधिक यात्री सवार थे। देर रात 11.15 बजे आग पर काबू पाया जा सका। वहीं कानपुर रेंज के आईजी मोहित अग्रवाल ने कहा है कि मृतकों की निश्चित संख्या डीएनए टेस्ट से ही पता चल पाएगी।
हादसे में 20 लोगों के मारे जाने की आशंका है। यूपी डीजीपी ओपी सिंह ने बताया कि बस और ट्रक में से किसी एक में कोई ज्वलनशील पदार्थ था। जिससे धमाके के साथ आग लगी। कानपुर एडीजी जोन प्रेमप्रकाश को मौके पर भेजा गया है।
कन्नौज डीएम रवीन्द्र कुमार ने बताया मौके पर राहत और बचाव कार्य शुरु करवा दिया गया है। बस में 45 सवारियां थीं। इसमें दो स्टाफ के लोग भी शामिल थे। जिसमें से 17 सवारियां छिबरामऊ से बैठी थी और 26 सवारियां गुरसहायगंज से बैठी थीं। जिसमें से अभी तक सिर्फ 21 घायल सवारियों को अस्पातालों में भर्ती किया गया है।
धूं धूं कर जलती बस
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दमकल की मौके पर पहुंची एक गाड़ी का पानी खत्म होने पर दूसरी आने ही वाली थी कि बस में एक के बाद एक तीन धमाकों से हड़कंप मच गया। करीब 12-15 यात्रियों ने बस का सीसा तोड़ किसी तरक कूदकर अपनी जान बचाई। घटनास्थल पर अफरा-तफरी का माहौल बना हुआ है। वहीं यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने घटना का संज्ञान लेते हुए अफसरों को तत्काल राहत और बचाव कार्य शुरु करने के निर्देश दिए। उन्हाेंने हर संभव मदद का आश्वासन दिया है।
बस में एक के बाद एक तीन धमाके हुए
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शुक्रवार रात 8.30 बजे के करीब जीटी रोड पर ग्राम घिलोई के पास फर्रुखाबाद से जयपुर जा रही स्लीपर बस की कोहरे के कारण सामने से आ रहे ट्रक से जोरदार भिड़ंत हो गई। हादसे के बाद ट्रक में आग लग गई, जिसने बस को भी चपेट में ले लिया। थोड़ी ही देर में बस आग का गोला बन गई। हादसे में स्लीपर कोच बस में सवार कई यात्रियों के मरने की आशंका है। शुरुआती जांच में सामने आया है कि टक्कर इतनी भीषण थी कि बस का डीजल टैंक फट गया। जिससे एक के बाद एक धमाके हुए और आग विकराल होती गई।
50 से अधिक सवारियां बस में थीं सवार
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आग की लपटें देख बस में बैठे यात्रियों में बाहर निकलने को लेकर हंगामा मच गया। बस में सवार करीब 45 से अधिक यात्रियों में लगभग 12-15 ही बाहर निकल सके। मौके पर फायर बिग्रेड, अपर जिलाधिकारी गजेंद्र सिंह व अपर पुलिस अधीक्षक विनोद कुमार, छिबरामऊ कोतवाल शैलेंद्र कुमार मिश्रा पहुंचे हैं।
मौके पर कई दमकल की गाड़ियां मौजूद
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मौके पर ग्रामीणों की भारी भीड़ मौजूद है और जीटी रोड पर यातायात पूरी तरह बाधित है। जाम में दर्जनों वाहन फंसे हुए हैं। वाहनों की लंबी कतारें लगी हुई हैं। फायर बिग्रेड की कई गाड़ियाें ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। देर रात करीब 11.15 पर आग बुझाई जा सकी। बस में कितने यात्री आग की चपेट में आकर मरे हैं, इसकी जानकारी नहीं हो सकी है।
21 यात्रियों ने बस से कूदकर बचाई जान
छिबरामऊ। जीटी रोड पर ग्राम घिलोई के सामने हुई ट्रक व स्लीपर बस की आमने-सामने की टक्कर के बाद जैसे ही बस में आग लगी, कुछ सवारियों ने खिड़कियों के कांच तोड़कर बस से कूदकर अपनी जान बचाई। हादसे में घायल 21 यात्रियों को सौ शय्या अस्पताल में भर्ती कराया गया।14 यात्रियों को रेफर कर दिया गया। पांच राजकीय मेडिकल कॉलेज तिर्वा में भर्ती हुए हैं।
ये हैं 21 घायल
हादसे में ग्राम चांदापुर निवासी रणसिंह पुत्र भीम सिंह, सौरिख निवासी रामबाबू चौरसिया पुत्र प्रेमबाबू, रितिक पुत्र मनोज, ग्राम कुतुबपुर निवासी ओमवीर पुत्र सुरेश चंद्र व इनकी पत्नी खुशबू, ग्राम नगला जैदी निवासी ब्रजमोहन पुत्र तुलाराम शाक्य, रूपपुर खड़िनी निवासी शकील पुत्र शैनूर खां, कन्नौज निवासी लईक पुत्र जमील अहमद, सलमान पुत्र मुश्ताक, मोहल्ला बजरिया निवासी रमन गुप्ता पुत्र राजेश गुप्ता, शोएब पुत्र इकबाल खां, उमरापुर निवासी छम्मेलाल पुत्र रामऔतार, राजीव पुत्र नंदराम, मोहल्ला शास्त्रीनगर निवासी सुधीर बाबू पुत्र जयवीर सिंह, रेशू पुत्र दिनेश, ग्राम धीरपुर निवासी विमलेश पुत्र राकेश चंद्र, ग्राम हरदेव नगला निवासी अर्जुन पुत्र ग्रीश, मोहल्ला बस्तीराम निवासी खुशू पुत्र राकेश यादव, ग्राम जरौली हरदोई निवासी रामप्रकाश पुत्र ईश्वरीन, ग्राम जुनैदपुर निवासी नर सिंह पुत्र स्वरूप सिंह व ग्राम मलौथा हरदोई निवासी जितेंद्र पुत्र रामस्वरूप घायल हो गए।
डीएनए टेस्ट से ही पता चलेगी मृतकों की सही संख्या
कानपुर रेंज के आईजी मोहित अग्रवाल ने बताया कि बस में करीब 45 लोग थे। 25 लोगों को बचा लिया गया, इनमें से 12 को मेडिकल कॉलेज तिर्वा और 11 को जिला अस्पताल भेजा गया। दो लोग पूरी तरह सुरक्षित थे जिन्हें उनके घर भेज दिया गया। 18 से 20 लोग लापता हैं, संभवत: उनकी मृत्यु हो गई हो लेकिन यह अभी निश्चित नहीं है।
आईजी ने कहा कि, शव बुरी तरह जले हुए हैं, हड्डियां तक बिखरी हुई हैं, केवल डीएनए टेस्ट से ही मृतकों की सही संख्या बताई जा सकती है। पहली नजर में 8 से 10 लोगों के शव बस में होने की आशंका है लेकिन हादसा इतना भीषण था कि मृतकों की संख्या डीएनए टेस्ट से ही तय की जा सकती है।
कन्नौज में हुए हादसे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शोक जताया। उन्होंने मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना प्रकट करते हुए लिखा-उत्तर प्रदेश के कन्नौज में हुए भीषण सड़क हादसे के बारे में जानकर अत्यंत दुख पहुंचा है। इस दुर्घटना में कई लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी है। मैं मृतकों के परिजनों के प्रति अपनी संवेदनाएं प्रकट करता हूं, साथ ही घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करता हूं।
कैबिनेट मंत्री राम नरेश मौके पर पहुंचे। मंत्री ने घायलों को 50-50 हजार के चेक दिए। साथ ही हर संभव मदद का आश्वासन दिया। फॉरेंसिक टीम ने बस से आठ और ट्रक से एक अवशेष बरामद किया है। भीषण आग होने के कारण ज्यादातर लोग पूरी तरह जल गए हैं, उनके अवशेष भी नहीं मिले हैं। मृतकों की संख्या जानने के लिए पुलिस सभी सवारियों के नाम और पता तलाशने में जुटी है।
इस हादसे में अभी तक 11 मौतों की पुष्टि हुई है। हादसे में बस से नौ व ट्रक से एक अवशेष मिला है।
पोटली बनाकर पोस्टमार्टम भेजे गए 10 के अवशेष और एक शव
कन्नौज भीषण बस हादसे में मारे गए 10 लोगों के अवशेष पोटली बनाकर भेजे गए हैं। एक शव भी पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। शवों में अभी तक सिर्फ ट्रक चालक रिंकू यादव पुत्र दुर्विजय निवासी मैनपुरी की शिनाख्त हुई है। अधिकारी अन्य शवों की शिनाख्त कराने में जुटे हैं।
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष लल्लू सिंह ने पूरे मामले की जांच और मृतकों के परिजनों को 25 लाख व घायलों को 2 लाख मुआवजा देने की मांग की है। लल्लू सिंह ने कहा कि इसी विमल बस सर्विष की बस से 2018 में भी हादसा हुआ था और 18 की मौत हुई थी।
एक साल तक संचालन बन्द होने के बाद एक प्रभावशाली नेता की मिलीभगत से इस कंपनी की बस फिर चलने लगी। इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। प्रशासन बस में 45 लोगों के होने की बात कह रहा है जबकि एक यात्री करीब 70 लोगों के होने की बात कह रहा है। संख्या कम क्यों बताई जा रही है इसकी भी जांच हो।
सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने अपने ऑफिशियल ट्विटर हैंडल पर ट्वीट कर लिखा कि- कन्नौज के अग्निकांड में मारे गये लोगों के प्रति श्रद्धांजलि व परिजनों के प्रति हार्दिक संवेदना। लोगों की जान बच भी सकती थी, अगर भाजपा सरकार संकीर्ण राजनीतिक सोच की वजह से सपा काल में बने फायर स्टेशन को बंद नहीं करवाती, जो घटना स्थल से केवल 10 मिनट की दूरी पर बना था। दुखद!
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कन्नौज हादसे में पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना जताते हुए शुक्रवार रात को ही घटना के बारे में कन्नौज के डीएम से विस्तृत रिपोर्ट तलब की। सीएम ने इसे दर्दनाक हादसा बताते हुए मृतकों के परिजनों को दो-दो लाख रुपये मदद का एलान किया है। साथ ही कहा कि घायलों को 50-50 हजार की सहायता दी जाएगी।